आयु-फीस में छूट को ईडब्लूयस लामबंद, रेलवे, बैंक, एसएससी और अन्य भर्तियों में अभ्यर्थी मांग रहे लाभ।
प्रयागराज : आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद अब इस वर्ग के अभ्यर्थी आयु और फीस में छूट के लिए लामबंद होने लगे हैं। रेलवे, बैंक, एसएससी, शिक्षक भर्ती समेत अन्य भर्तियों की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि यह व्यवस्था लागू होने के तकरीबन 21 महीने बावजूद ओबीसी, एससी/एसटी वर्ग या विशेष आरक्षण वर्ग के अभ्यर्थियों के समान आयु वफीस में छूट नहीं मिल सकी है।
यदि उन्हें कमजोर आर्थिक स्थिति के आधार पर ही आरक्षण दिया जा रहा है तो फीस सामान्य अभ्यर्थियों के बराबर क्यों ली जा रही है। इसी प्रकार जब अन्य आरक्षण वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट मिल रही है तो उन्हें किस आधार पर वंचित किया गया है। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में ट्विटर पर भी अभियान चला रखा है।
खास बात यह कि गुजरात और महाराष्ट्र की सरकारों ने ईडब्ल्यूएस के लिए 5- 5 साल जबकि जम्मू-कश्मीर में 3 साल आयु की छूट का प्रावधान कर दिया है। हरियाणा सरकार ने भी सहमति दिखाई है। लेकिन केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिलने के कारण रेलवे, बैंक, एसएससी आज की बड़ी भर्तियों में लाभ नहीं मिल पा रहा है। वाराणसी के शिवम अवस्थी, बागपत के त्रिनेत्र सिंह राणा, बस्ती के संदीप सिंह, कानपुर के रजनीश शर्मा, बलिया के रितेश मेहता, देवरिया के दिवेश शाही आदि का कहना है कि ईडब्ल्यूएस के साथ आरक्षण में भेदभाव नहीं करना चाहिए। जिस प्रकार अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों को लाभ मिलता है, उसी प्रकार उन्हें भी समान लाभ मिलना चाहिए।
उठ रही मांग : रेलवे, बैंक, एसएससी और अन्य
भर्तियों में मांग रहे लाभ,
आरक्षण मिलने के 21 महीने बाद भी नहीं हुआ प्रावधान
प्रयागराज : आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद अब इस वर्ग के अभ्यर्थी आयु और फीस में छूट के लिए लामबंद होने लगे हैं। रेलवे, बैंक, एसएससी, शिक्षक भर्ती समेत अन्य भर्तियों की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि यह व्यवस्था लागू होने के तकरीबन 21 महीने बावजूद ओबीसी, एससी/एसटी वर्ग या विशेष आरक्षण वर्ग के अभ्यर्थियों के समान आयु वफीस में छूट नहीं मिल सकी है।
यदि उन्हें कमजोर आर्थिक स्थिति के आधार पर ही आरक्षण दिया जा रहा है तो फीस सामान्य अभ्यर्थियों के बराबर क्यों ली जा रही है। इसी प्रकार जब अन्य आरक्षण वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट मिल रही है तो उन्हें किस आधार पर वंचित किया गया है। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में ट्विटर पर भी अभियान चला रखा है।
खास बात यह कि गुजरात और महाराष्ट्र की सरकारों ने ईडब्ल्यूएस के लिए 5- 5 साल जबकि जम्मू-कश्मीर में 3 साल आयु की छूट का प्रावधान कर दिया है। हरियाणा सरकार ने भी सहमति दिखाई है। लेकिन केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिलने के कारण रेलवे, बैंक, एसएससी आज की बड़ी भर्तियों में लाभ नहीं मिल पा रहा है। वाराणसी के शिवम अवस्थी, बागपत के त्रिनेत्र सिंह राणा, बस्ती के संदीप सिंह, कानपुर के रजनीश शर्मा, बलिया के रितेश मेहता, देवरिया के दिवेश शाही आदि का कहना है कि ईडब्ल्यूएस के साथ आरक्षण में भेदभाव नहीं करना चाहिए। जिस प्रकार अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों को लाभ मिलता है, उसी प्रकार उन्हें भी समान लाभ मिलना चाहिए।
उठ रही मांग : रेलवे, बैंक, एसएससी और अन्य
भर्तियों में मांग रहे लाभ,
आरक्षण मिलने के 21 महीने बाद भी नहीं हुआ प्रावधान

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