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Thursday, June 4, 2026

SSC करेगा फेस रिकॉग्निशन से कक्ष निरीक्षकों की पहचान, परीक्षा में 90 फीसदी से कम चेहरा मिला तो अनुपस्थित माने जाएंगे

SSC करेगा फेस रिकॉग्निशन से कक्ष निरीक्षकों की पहचान, परीक्षा में 90 फीसदी से कम चेहरा मिला तो अनुपस्थित माने जाएंगे 

फेस रिकॉग्निशन सिस्टम

◾कक्ष निरीक्षक का डाटा अपलोड रहेगा, ड्यूटी स्थल पर चेहरे की डिजिटल स्कैनिंग होगी

◾डाटाबेस में मौजूद फोटो से मिलान होगा, रिकॉर्ड सीधे आयोग के सर्वर पर सुरक्षित रहेगा


प्रयागराज। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) सुरक्षा, निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए भर्ती परीक्षाओं में जुलाई से नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत फेस रिकॉग्निशन (चेहरे की पहचान) से कक्ष निरीक्षकों पहचान की जाएगी। 90 फीसदी से कम चेहरा मिला तो अनुपस्थित माने जाएंगे और मानदेय भी नहीं मिलेगा।


आयोग के मुताबिक यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत देशभर से हर वर्ष करीब दो करोड़ अभ्यर्थी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन करते हैं। नई व्यवस्था से उनका विश्वास और बढ़ेगा।

एसएससी की प्रमुख परीक्षाओं में देशभर में करीब 10 हजार कक्ष निरीक्षक तैनात होते हैं। नई प्रणाली लागू होने के बाद आयोग के पास यह पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा कि किस दिन, किस परीक्षा केंद्र पर और किस समय कौन कक्ष निरीक्षक ड्यूटी पर था। शिकायत, अनियमितता पर जिम्मेदारी तय कर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। 


❓ क्यों पड़ी नई व्यवस्था की जरूरत

◾फर्जी उपस्थिति-ड्यूटी में लापरवाही के मामले आ रहे थे, जवाबदेही तय करना कठिन था

◾सीजीएल और सीएचएसएल परीक्षाओं के अनुभवों के बाद इस नियम पर लिया गया निर्णय


"पूर्व में सीजीएल और सीएचएसएल परीक्षाओं में कुछ गड़बड़ियां सामने आई थीं। इसे देखते हुए एआई आधारित निगरानी व्यवस्था जुलाई से लागू की जाएगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। कोई भी कक्ष निरीक्षक अभ्यर्थी बनकर परीक्षा व्यवस्था का दुरुपयोग नहीं कर सकेगा।" -डॉ. आशीष श्रीवास्तव, निदेशक, कर्मचारी चयन आयोग

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