उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती : होमगार्ड श्रेणी के अभ्यर्थियों को भी आयु सीमा में तीन साल की छूट
लखनऊ। राज्य सरकार ने 32,679 सिपाही एवं समकक्ष पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में होमगार्ड श्रेणी के अभ्यर्थियों को भी अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया है। बता दें कि बीती 5 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी वर्गों के अभ्यर्थियों की आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का आदेश जारी किया गया था।
उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अपर सचिव (भर्ती) सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि बीती 5 जनवरी को जारी शासनादेश के तहत अधिकतम आयु सीमा में छूट होमगार्ड श्रेणी के अभ्यर्थियों को भी दी जाएगी। उनकी अधिकतम आयु 25 वर्ष की जगह 28 वर्ष स्वीकार की जाएगी। होमगार्ड (पुरुष/महिला) श्रेणी के अंतर्गत पात्रता के लिए अभ्यर्थी की जन्मतिथि 2 जुलाई 1997 से 1 जुलाई 2007 के मध्य होना अनिवार्य है।
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती : आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट, सभी वर्गों को लाभ, निर्धारित अधिकतम आयु सीमा के कारण आवेदन से वंचित अभ्यर्थियों को इस बार मौका
लखनऊ। प्रदेश पुलिस में 32679 सिपाही और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलेगी। इस फैसले से अधिकतम आयु सीमा के दायरे से बाहर होने की वजह से आवेदन नहीं कर पा रहे अभ्यर्थियों को इस बार अवसर मिलेगा।
सिपाही भर्ती के लिए 31 दिसंबर से शुरू हुए आवेदन के लिए आयु सीमा बढ़ाने की लगातार मांग की जा रही थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अधिकतम आयु सीमा में छूट का फैसला किया गया है। इस संबंध में गृह विभाग की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला), आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस (पुरुष), आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (पुरुष), महिला बटालियन के लिए महिला आरक्षी, आरक्षी घुड़सवार पुलिस (पुरुष) और जेल वार्डर (पुरुष एवं महिला) पदों के लिए सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को आयु शिथिलीकरण का अवसर एक बार के लिए दिया गया है। यह निर्णय उप्र लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के तहत लिया गया है।
यूपी पुलिस में 32679 आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 के तहत निर्धारित आयु सीमा में सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए तीन वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार अपने परिश्रमी युवाओं के सपनों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है। - सीएम योगी आदित्यनाथ
अब 40 लाख आवेदन की उम्मीद
प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद सिपाही और समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए 10 लाख आवेदन अधिक आने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले करीब 30 लाख आवेदन आने की उम्मीद थी। अब यह आंकड़ा बढ़कर 40 लाख से अधिक हो सकता है।
भर्ती के लिए 31 दिसंबर के बाद से अब तक करीब एक लाख आवेदन आ चुके हैं। दो वर्ष पूर्व सिपाही के 60,244 पदों पर सीधी भर्ती के लिए 48 लाख आवेदन आए थे। तब राज्य सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की छूट देने का फैसला भी लिया था।
सामान्य और गरीब वर्ग के 25 वर्ष से कम आयु वाले अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन
इस फैसले के बाद सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग के ऐसे अभ्यर्थी, जिनकी आयु 25 वर्ष से कम है, आवेदन कर सकेंगे। महिलाओं को भी अधिकतम आयु में तीन वर्ष की छूट मिलेगी। अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के 30 वर्ष से कम आयु वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।
पहले भर्ती बोर्ड द्वारा जारी विज्ञप्ति में सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग के पुरुषों की अधिकतम आयु 22 वर्ष और महिला अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 25 वर्ष थी। अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दी गई थी। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी आयु सीमा में छूट देने की लगातार मांग कर रहे थे। भाजपा विधायक शलभमणि त्रिपाठी समेत कई विधायकों और सांसद चंद्रशेखर ने इस बाबत मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छूट देने का अनुरोध किया था।
डीजीपी मुख्यालय ने भेजा प्रस्ताव
आयु सीमा में शिथलीकरण के लिए डीजीपी मुख्यालय ने गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा था, जिसके बाद मुख्यमंत्री की सहमति मिलने पर आदेश जारी किया गया है। इसमें सभी रिक्त पदों का ब्योरा देते हुए सभी वर्गों की आयु में तीन वर्ष की छूट देने का अनुरोध किया गया था।
इससे पहले भर्ती की विज्ञप्ति जारी होने पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर आयु सीमा बढाने की मांग कर रहे थे, जिसका सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी समर्थन किया था।
उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती में आयुसीमा में सामान्य वर्ग को छूट मिलने के प्रकरण में अब गेंद राज्य सरकार के पाले में
नियमावली में सामान्य वर्ग के लिए 18 से 22 वर्ष की आयुसीमा का ही है नियम
2023 में हुई भर्ती में दी जा चुकी है तीन साल की छूट
लखनऊ। प्रदेश पुलिस में 32679 सिपाही और समकक्ष पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट मिलने के आसार कम हैं। अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2023 में सिपाही नागरिक पुलिस के 60244 पदों पर हुई सीधी भर्ती में आयुसीमा में तीन वर्ष की छूट दी जा चुकी है। इससे इस बार छूट मिलने की उम्मीद कम है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट देने के लिए विधायकों की ओर से सीएम को पत्र लिखने के बाद यह मुद्दा चर्चा में है।
दरअसल, आयु सीमा में छूट देने का फैसला राज्य सरकार को लेना है। इसके लिए कोई ठोस वजह होना जरूरी है। हालांकि, 60244 सिपाहियों की भर्ती नागरिक पुलिस के लिए हुई थी जबकि इस बार पीएसी, सशस्त्र पुलिस, घुड़सवार पुलिस, विशेष सुरक्षा बल और जेल वार्डर के पद भी शामिल हैं। इन रिक्त पदों पर करीब 6 वर्ष से भर्ती नहीं की गई है। इसी वजह से अभ्यर्थी लगातार आयु सीमा में छूट देने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल इस प्रकरण में अब गेंद राज्य सरकार के पाले में है और उसे ही आयु सीमा में छूट देने पर फैसला लेना है। वहीं, आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अभ्यर्थियों को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का अनुरोध किया है।
ओबीसी, एससी-एसटी को 48 साल से मिल रही छूट
अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी में 5 वर्ष की छूट 48 वर्षों से दी जा रही है। पुराने रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि 8 नवंबर 1977 को प्रदेश के राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के आयुक्त एवं सचिव धर्मेंद्र मोहन सिन्हा ने इस बाबत शासनादेश जारी किया था। दरअसल, शासन द्वारा इससे पहले वर्ष 1977 के अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में जारी शासनादेशों में अन्य पिछड़ा वर्ग को राजकीय सेवाओं में आरक्षण का प्रावधान करते हुए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दे दी गई थी। इसके बाद नवंबर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को भी इसमें शामिल कर आयु सीमा में छूट दे दी गई।
बोर्ड नहीं ले सकता फैसला
पुलिस भर्ती में आयु सीमा में छूट देना बोर्ड के अधिकारों में शामिल नहीं है। पुलिस में अराजपत्रित रिक्त पदों पर भर्ती का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजा जाता है। वर्ष 2015 में सपा सरकार में आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी सेवा नियमावली नए सिरे से बनाई गई थी। इसमें भर्ती के लिए पुरुषों की उम्र 18 से 22 वर्ष और महिलाओं की उम्र 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई थी। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग और एससी-एसटी को आयु सीमा में शासनादेशों के मुताबिक छूट देने का उल्लेख किया गया था। भर्ती बोर्ड 2015 में जारी अधिसूचना के नियमों के तहत ही भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराता है।
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़ा बदलाव – अब गलत जवाब पर नहीं कटेंगे नंबर
झांसी। यूपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। यूपी सरकार ने पुलिस कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और जेल वार्डर भर्ती परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। इस फैसले को राज्य सरकार की मंजूरी मिल चुकी हैं। अब लिखित परीक्षा में गलत जवाब देने पर अंक नहीं काटे जाएंगे, जिससे उम्मीदवार बिना डर के सवाल हल कर सकेंगे।
पहले क्या था नियम ? पहले यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का नियम लागू था। पुराने पैटर्न के अनुसार हर सही उत्तर पर उम्मीदवार को दो अंक मिलते थे, जबकि हर गलत उत्तर देने पर 0.5 अंक काट लिए जाते थे। इसी वजह से अभ्यर्थियों को बहुत सोच-समझकर सवाल हल करने पड़ते थे। कई बार छात्र प्रश्न का उत्तर जानते हुए भी सिर्फ इस डर से उसे छोड़ देते थे कि अगर जवाब गलत हो गया तो उनके नंबर कट जाएंगे। खासतौर पर सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स जैसे विषयों में यह डर और भी ज्यादा देखने को मिलता था।
क्या है नए नियम ? : अब यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार उम्मीदवारों के गलत उत्तरों पर कोई भी अंक नहीं काटे जाएंगे। यानी अब परीक्षा में सिर्फ सही जवाब देने पर ही अंक मिलेंगे और गलत जवाब देने से स्कोर पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। इस बदलाव के बाद अभ्यर्थी बिना किसी डर के सभी प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे। यह संशोधन उत्तर प्रदेश पुलिस और जेल सेवा नियमावली 2025 के तहत किया गया है, जिसे राज्य सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। अब उम्मीदवारों को यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार है, जिसमें परीक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी साफ तौर पर दी जाएगी।
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती : सामान्य वर्ग की अधिकतम आयु 22 वर्ष होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी, आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने की मांग
लखनऊ। प्रदेश पुलिस में 32679 सिपाही और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू होते ही आयु सीमा को लेकर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों में नाराजगी सामने आ गई है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी सोशल मीडिया के माध्यम से आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने की मांग कर रहे हैं।
भर्ती बोर्ड द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सिपाही भर्ती के लिए पुरुष अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 22 वर्ष और महिला अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 25 वर्ष तय की गई है। वहीं, जनजाति के अभ्यर्थियों को अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित शासनादेश के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दी गई है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों का कहना है कि 60244 सिपाहियों की भर्ती के दौरान सभी वर्गों को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी गई थी। उस समय कोरोना महामारी के कारण लंबे समय तक भर्तियां नहीं हो सकीं थीं। अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि इस बार भी वही व्यवस्था लागू की जाए, ताकि 22 वर्ष से अधिक आयु के योग्य अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल होने का मौका मिल सके। अभ्यर्थियों का तर्क है कि पिछले कुछ वर्षों में भर्तियों में देरी के कारण कई युवा आयु सीमा पार कर चुके हैं और अब उन्हें अवसर नहीं मिल पा रहा है।
30 लाख से अधिक आवेदन आने का अनुमानः भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, सिपाही और समकक्ष पदों के लिए 30 लाख से अधिक आवेदन आने की संभावना है। इससे पहले सिपाही भर्ती में 48 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। वहीं वर्तमान में चल रही होमगार्ड भर्ती में भी करीब 26 लाख आवेदन आ चुके हैं।
उत्तर प्रदेश में सिपाही के 32679 पदों पर होगी भर्ती, पुलिस भर्ती बोर्ड के आदेश के बाद ऑनलाइन आवेदन शुरू, 30 जनवरी अंतिम तिथि, आरक्षी घुड़सवार व बंदीरक्षक के पद भी शामिल
लखनऊ। राज्य सरकार युवाओं को नए साल का तोहफा देते हुए 32679 पदों पर सिपाही भर्ती करने जा रही है। पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड ने आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला), आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस (पुरुष), पीएसी महिला बटालियन के लिए आरक्षी, आरक्षी घुड़सवार पुलिस (पुरुष), आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (पुरुष) व बंदी रक्षक (पुरुष/महिला) भर्ती के लिए बुधवार को सूचना जारी की। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, इसकी अंतिम तिथि 30 जनवरी है।
आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तथि 30 जनवरी है और शुल्क समायोजन की अंतिम तिथि 2 फरवरी है। आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को अपना वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) कराना अनिवार्य होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दो से तीन माह में लिखित परीक्षा कराए जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह भर्तियां शुरू हो रही हैं। पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने बताया कि आरक्षी नागरिक पुलिस 10469 पदों पर भर्ती होगी, इनमें 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित है।
आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस (पुरुष) के 15131, आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (पुरुष) के 1341, पीएसी महिला बटालियन (लखनऊ, बदायूं व गोरखपुर) के कुल 2282पदों, आरक्षी घुड़सवार (पुरुष) के 71, बंदी रक्षक पुरुष के कुल 3279 व बंदी रक्षक महिला के 106 पदों पर भर्ती होगी। उप्र पुलिस में इससे पूर्व आरक्षी नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर सबसे बड़ी भर्ती हुई थी, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण चल रहा है।
0 comments:
Post a Comment