Searching...
Tuesday, June 2, 2026

अवर अभियंता (JE) पदों पर अब सिर्फ डिप्लोमा धारकों की होगी भर्ती, सुप्रीम कोर्ट ने दिया डिप्लोमा धारकों के पक्ष में फैसला, स्नातक इंजीनियरों का दावा खारिज

अवर अभियंता (JE) पदों पर अब सिर्फ डिप्लोमा धारकों की होगी भर्ती, सुप्रीम कोर्ट ने दिया डिप्लोमा धारकों के पक्ष में फैसला, स्नातक इंजीनियरों का दावा खारिज


लखनऊ। सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मई को एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अवर अभियंता भर्ती में स्नातक इंजीनियरों के दावे को खारिज कर दिया गया है। अब प्रदेश के विभिन्न अभियंत्रण विभागों में अवर अभियंता के पद पर केवल डिप्लोमा धारक ही भर्ती हो सकेंगे।


सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ के निर्णय पर मुहर लगाई। उच्च न्यायालय ने डिग्री धारकों को अवर अभियंता पद के लिए अपात्र माना था। अधीनस्थ चयन आयोग ने 4612 पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला था। इसमें सिर्फ डिप्लोमा धारकों को ही आवेदन के लिए पात्र बताया था। डिग्रीधारकों ने इस विज्ञापन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने याचिका का विरोध किया। उच्च न्यायालय ने डिग्रीधारकों की याचिका खारिज कर दी थी। 3 मई 2026 को कनिष्ठ अभियंता की लिखित परीक्षा हो चुकी है। इस निर्णय से डिग्रीधारक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। इससे 4612 पदों पर डिप्लोमा धारकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।

बता दें कि यह तीसरी बार है, जब डिप्लोमा धारकों के पक्ष में फैसला आया है। वर्ष 2016 में भी डिग्रीधारकों ने भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी थी। तब भी उच्च न्यायालय की एकल और दो सदस्यीय पीठ ने डिप्लोमा धारकों के पक्ष में निर्णय दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने भी डिग्रीधारकों की विशेष अनुमति याचिका निरस्त की थी। वर्ष 2018 में भी ऐसी ही चुनौती दी गई थी, जिसमें डिप्लोमा धारकों के पक्ष में फैसला आया था।

0 comments:

Post a Comment