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Sunday, May 10, 2026

प्रबंधकों ने दबा लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के सैकड़ों पद, दो साल से रिक्त पदों की सूचना मांग रहा शिक्षा निदेशालय

प्रबंधकों ने दबा लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के सैकड़ों पद, दो साल से रिक्त पदों की सूचना मांग रहा शिक्षा निदेशालय

330 एडेड महाविद्यालयों में लगभग 850 रिक्त पदों की है सूचना


प्रयागराज । विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न विभागों में डेढ़ लाख पदों पर भर्तियों की बात कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं कॉलेजों के प्रबंधक रिक्त पदों को दबाए बैठे हैं। इससे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की नई भर्ती में रिक्त पदों की संख्या होने की संभावना बनती जा रही है। हालत यह है कि अधिकारी पिछले चार साल से रिक्त पदों की सूचना मांग रहे हैं लेकिन संस्था प्रबंधक आनाकानी कर रहे हैं।


उच्च शिक्षा निदेशालय ने 13 मई 2024 और दो दिसंबर 2025 को पत्र लिखकर प्रदेश के 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों एवं अल्पसंख्यक महाविद्यालयों में रिक्त असिस्टेंट प्रोफेसर और प्राचार्य के पदों का अधियाचन उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया था। हालांकि उपलब्ध कराए गए अधियाचन की जांच में पता चला है कि महाविद्यालयों ने असिस्टेंट प्रोफेसर और प्राचार्य के रिक्त पदों की सूचना नहीं भेजी है। 

इस पर उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने 29 अप्रैल को सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को लिखे पत्र में निर्देशित किया है कि विशेष वाहक के माध्यम से अधियाचन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि त्रुटिपूर्ण अधियाचन के कारण भविष्य में कोई विसंगति होती है तो उसका व्यक्तिगत उत्तरदायित्व संबंधित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, महाविद्यालयों के प्रबंधक और प्राचार्य का होगा। 

इससे पहले माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव ने चार मई को सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखा है कि एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक के सभी रिक्त पदों की सूचना तत्काल उपलब्ध कराई जाए। जिलों से मिली रिक्त पदों सूचना की जांच करने पर पता चला है कि बहुत से स्कूलों में प्रधानाचार्य प्रधानाध्यापक के पद रिक्त होने के बावजूद उसका अधियाचन नहीं भेजा गया है जबकि इन पदों को शत-प्रतिशत सीधी भर्ती से भरा जाता है।


तबादले के लिए अनुमन्यता के नाम पर लाखों का खेल

 इन संस्थाओं में रिक्त सूचना भेजने के पीछे लाखों रुपये का खेल है। एक से दूसरी संस्था में शिक्षकों या असिस्टेंट प्रोफेसर के तबादले के लिए प्रबंधक अनुमन्यता जारी करते हैं। इसमें लाखों रुपये की घूस चलती है। सभी रिक्त पदों की सूचना भेज देंगे तो बाद में बैकडोर से शिक्षकों के स्थानान्तरण का खेल भी ठप हो जाएगा। 

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