शिक्षक अभ्यर्थी भी टीईटी ओएमआर शीट भरने में चूके, नहीं होगा मूल्यांकन, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने केवल उत्तरकुंजी पर मांगी थी ऑनलाइन आपत्ति
16 जुलाई 2026
प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) की ओएमआर शीट भरने में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों से किसी न किसी स्तर पर चूक हो गई है। इसमें बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे वे शिक्षक भी शामिल हैं, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य किए जाने पर परीक्षा में शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीईटी की उत्तरकुंजी जारी कर केवल प्रश्नोत्तर पर आपत्ति होने पर आनलाइन आपत्ति दर्ज कराने का अवसर अभ्यर्थियों को दिया था, लेकिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट भरने में गडबड़ी हो जाने पर आयोग में आफलाइन आवेदन देकर सुधार के लिए अवसर मांगा है।
आयोग ने दो, तीन व चार जुलाई को 60 जिलों में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी का आयोजन कराया। इसके बाद अनंतिम उत्तरकुंजी जारी कर इसमें किसी तरह की विसंगति होने पर आठ से 14 जुलाई तक साक्ष्य के साथ आनलाइन आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया। कई अभ्यर्थियों ने कुछ उत्तरों पर साक्ष्य के साथ आपत्ति दर्ज कराई है, जिनका परीक्षण विषय विशेषज्ञों से आयोग कराएगा। इस बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आफलाइन आवेदन लेकर आयोग पहुंचे। अभ्यर्थियों की अधिक संख्या देख आयोग ने पूछताछ खिड़की पर उनके आवेदन जमा कराए। इसमें से कुछ शिक्षक अभ्यर्थियों ने उप सचिव संजय कुमार सिंह से मिलकर बताया कि ओएमआर शीट में कुछ कालम वह अनजाने में काला नहीं कर पाए। कुछ ने विषय चयन में त्रुटि हो जाने तो कई ने भाषा-2 वाला कालम भरना छूट जाना बताया।
मामले पर उप सचिव ने बताया कि अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट भरने के संबंध में आवश्यक जानकारी पूर्व में ही उपलब्ध करा दी गई थी। ओएमआर शीट का मूल्यांकन स्कैन करके किया जाएगा। इसमें मानव हस्तक्षेप नहीं हो सकता, क्योंकि इससे शुचिता प्रभावित हो सकती है। नियमानुसार ऐसी ओएमआर शीट का मूल्यांकन नहीं हो सकेगा, भले ही वह शिक्षक अभ्यर्थी हैं।
भर्ती परीक्षाओं में ओएमआर भरने में त्रुटि से 50 हजार से अधिक अभ्यर्थी बाहर, परीक्षा परिणामों और टीईटी के बाद आयोग कार्यालय में आए प्रत्यावेदनों से हुआ खुलासा
अभ्यर्थियों ने सही से नहीं भरे रोल नंबर, विषय या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के गोले
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, लोक सेवा आयोग और अन्य संस्थाओं की भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थी ओएमआर उत्तर पत्रक भरने में लगातार गलतियां कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जनवरी से जुलाई के बीच 50 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने ऐसी त्रुटियां की हैं। इसमें हजारों शिक्षक और आईएएस, पीसीएस की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी भी शामिल हैं।
यह खुलासा परीक्षा परिणामों और टीईटी के बाद आयोग कार्यालय में आए प्रत्यावेदनों से हुआ है। हाल ही में टीईटी की परीक्षा में करीब 18 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि टीजीटी 2022 की लिखित परीक्षा में 434364 अभ्यर्थी थे। इन दोनों परीक्षाओं सहित अन्य में हजारों ओएमआर उत्तर पत्रक निरस्त कर दिए गए। उन पर रोल नंबर, विषय या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के गोले सही से न भरने का आरोप है।
अभ्यर्थियों की अपील और आयोग का रुख : 30 जून को चयन आयोग ने जब टीजीटी परीक्षा का परिणाम घोषित किया, तो कई अभ्यर्थियों को झटका लगा। इनमें से कुछ ने शिक्षा सेवा चयन आयोग में दोबारा मूल्यांकन के लिए प्रत्यावेदन दिया। हालांकि, इन प्रत्यावेदनों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने पहले ही स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी प्रत्यावेदन पर विचार करना संभव नहीं है।
ओएमआर भरने में सामान्य गलतियां व आयोग का स्पष्टीकरण
ओएमआर उत्तर पत्रक भरने के लिए प्रवेश पत्र में विस्तृत निर्देश दिए जाते हैं, जिनमें रोल नंबर और प्रश्न पुस्तिका संख्या भरने का तरीका शामिल है। इन निर्देशों के बावजूद गलतियां होने से स्कैनर सॉफ्टवेयर ओएमआर को स्कैन नहीं कर पाता है, जिससे अभ्यर्थी परीक्षा से बाहर हो जाते हैं।
आयोग के उप सचिव डॉ. संजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि व्हाइटनर, ब्लेड या रबर का प्रयोग प्रतिबंधित है। गोलों को सही से काला न करने या गलत सूचना भरने पर उत्तर पत्रक का मूल्यांकन नहीं होगा, और इन त्रुटियों के लिए अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होगा।
भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने अभ्यर्थियों को सतर्क किया
15 जुलाई 2026
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने पीजीटी, टीईटी एवं अन्य परीक्षाओं को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए अभ्यर्थियों को सतर्क किया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि असत्य एवं भ्रामक सूचना प्रसारित करने, अभ्यर्थियों को गुमराह करने और अवैध धन वसूली का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्ति पीजीटी, टीईटी एवं अन्य परीक्षाओं के संबंध में ओएमआर शीट, उत्तर कुंजी, कटऑफ, प्राप्तांक के बारे में अभ्यर्थियों को आयोग कार्यालय आकर प्रार्थना पत्र देने के लिए उकसा और भ्रमित कर रहे हैं।
साथ ही एआई के माध्यम से फर्जी अभिलेख तैयार करने और धन के लेनदेन संबंधी अप्रमाणित सूचनाएं भी प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीजीटी परीक्षा के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं। सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और चयनित अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा अंक, साक्षात्कार अंक एवं अंतिम प्राप्तांक आयोग की ओर से पृथक-पृथक रूप से वेबसाइट पर प्रदर्शित किए जा चुके हैं।
डॉ. प्रशांत कुमार ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि ऐसी भ्रामक एवं निराधार सूचनाओं पर विश्वास न करें।
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