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Sunday, April 6, 2025

अभ्यर्थियों की खुसुर-फुसुर पर भी होगी एआई की नजर, UPPSC की परीक्षाओं में AI आधारित कैमरों का होगा इस्तेमाल


अभ्यर्थियों की खुसुर-फुसुर पर भी होगी एआई की नजर, UPPSC की परीक्षाओं में AI आधारित कैमरों का होगा इस्तेमाल

आयोग की भर्ती परीक्षा पर लगा AI का पहरा, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षाओं की निगरानी बढ़ाएगा


■ एआई आधारित कैमरों से हर गतिविधि पर नजर

■ सभी परीक्षाओं में इसका उपयोग करने का निर्णय


प्रयागराज । उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने चयन परीक्षाओं को और पारदर्शी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग शुरू कर दिया। 22 दिसंबर को प्रदेश के 75 जिलों के 1331 केंद्रों पर आयोजित आयोग की सबसे प्रतिष्ठित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 में एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से अभ्यर्थियों की हर एक गतिविधि पर निगरानी की गई थी। इस तकनीक के सफल परीक्षण के बाद अब 27 जुलाई को प्रस्तावित समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 समेत भविष्य की सभी परीक्षाओं में इसका उपयोग करने का निर्णय लिया गया है।

खास बात यह है कि एआई आधारित कैमरों की सहायता से परीक्षा कक्ष में बैठे दो परीक्षार्थियों के बीच हो रही बातचीत पर भी आयोग परिसर में स्थापित हाईटेक कंट्रोल रूम से निगरानी की जा सकती है। तकनीक का उपयोग बढ़ने के साथ प्रतियोगी छात्र भी नकल के लिए तरह तरह की तरकीब लगाने लगे हैं। बदलते समय के साथ आयोग ने भी निगरानी को सख्त किया है ताकि मेधावी छात्रों का हित सुरक्षित हो।

परीक्षाओं को नकलविहीन और शुचितापूर्ण कराने के लिए ही एआई युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। ये कैमरे अभ्यर्थियों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और अगर अभ्यर्थी अपने अगल-बगल या आगे-पीछे बैठे किसी अन्य अभ्यर्थी से बातचीत भी करता है तो एआई आधारित कैमरे इस गतिविधि को संदिग्ध मानते हुए आयोग में बने कंट्रोल रूम तक संदेश पहुंचा देंगे। अगर कोई अभ्यर्थी वॉशरूम या किसी दूसरे काम के लिए अपेक्षित समय से अधिक अपनी सीट से अनुपस्थित रहता है तो भी एआई कैमरों के माध्यम से संदेश कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगा।

कोई कक्ष निरीक्षक किसी अभ्यर्थी से बात करता है या कोई अभ्यर्थी बार-बार ताक-झांक करता है तो भी एआई की नजर से बच नहीं सकेगा। यहां तक कि नकल के लिए किसी भी तरह की चिट या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल करने पर भी अभ्यर्थी एआई कैमरों की नजर से बच नहीं पाएगा। सूत्रों का कहना है कि किसी अभ्यर्थी की संदिग्ध गतिविधि से संबंधित संदेश मिलते ही कंट्रोल रूम अलर्ट हो जाएगा और गड़बड़ी करने वाला अभ्यर्थी को पकड़ा जा सकेगा।



अभ्यर्थियों की खुसुर-फुसुर पर भी होगी एआई की नजर

यूपीपीएससी की परीक्षाओं में एआई आधारित कैमरों का होगा इस्तेमाल


प्रयागराज। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 में शामिल अभ्यर्थियों की हर एक गतिविधि पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की पैनी नजर थी। 22 दिसंबर 2024 को प्रदेश के 75 जिलों के 1331 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) के सफल प्रयोग के बाद आयोग अपनी अन्य परीक्षाओं में भी इस तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है।

केंद्र निर्धारण नीति के नियम सख्त होने के कारण आयोग को अब सभी 75 जिलों में परीक्षा करानी पड़ रही है। हर जगह आयोग के प्रतिनिधियों का पहुंच पाना संभव नहीं है। यही वजह है कि आयोग ने परीक्षाओं में गड़बड़ी को रोकने के लिए एआई की मदद ली है। एआई आधारित कैमरे हर केंद्र पर प्रत्येक अभ्यर्थी की गतिविधियों पर पैनी नजर रख सकेंगे।

अगर अभ्यर्थी अपने अगल बगल या आगे-पीछे बैठे किसी अन्य अभ्यर्थी से खुसुर-फुसुर भी करता है तो एआई आधारित कैमरे उसकी इस गतिविधि को संदिग्ध मानते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में बने कंट्रोल रूम तक संदेश पहुंचा देंगे। अभ्यर्थियों की अन्य गतिविधियां भी एआई की निगरानी में होंगी।

सूत्रों का कहना है कि आयोग परिसर में हाईटेक कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जहां से सभी केंद्रों की निगरानी की जा सकेगी। 27 जुलाई को प्रस्तावित समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में भी एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। अगर कोई अभ्यर्थी 10 मिनट के लिए भी अपनी सीट छोड़कर हटता है तो एआई के माध्यम से संदेश कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगा।

कोई कक्ष निरीक्षक किसी अभ्यर्थी से बात करता है या कोई अभ्यर्थी वार-बार इधर-उधर देखता है तो भी एआई की नजर से बच नहीं सकेगा। यहां तक कि नकल के लिए किसी भी तरह की चिट या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल करने पर भी अभ्यर्थी एआई की नजर में आ जाएगा। सूत्रों का कहना है कि किसी अभ्यर्थी की संदिग्ध गतिविधि से संबंधित संदेश मिलते ही कट्रोल रूम अलर्ट हो जाएगा और गड़बड़ी करने वाला अभ्यर्थी रंगे हाथों पकड़ा जा सकेगा।

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