बेसिक शिक्षा विभाग नियमावली में करेगा संशोधन, 11508 पदों का अधियाचन वापस, शैक्षिक गुणांक हटाकर चयन आयोग की नियमावली के अनरूप भेजी जाएंगी रिक्तियां
बेसिक शिक्षा परिषद ने रिक्त पदों के सापेक्ष चयन में शैक्षिक गुणांक को भी किया था शामिल, आयोग ने जताई थी आपत्ति
28 अगस्त 2026
प्रयागराज : शिक्षक भर्तियों के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (प्रक्रिया व कार्य संचालन) विनियमावली-2025 के तहत प्राथमिक शिक्षक चयन के लिए लिखित परीक्षा की व्यवस्था है, जबकि बेसिक शिक्षा परिषद ने आयोग को नगर क्षेत्र के विद्यालयों के 11,508 शिक्षक भर्ती के लिए आनलाइन भेजे गए रिक्त पदों के विवरण (अधियाचन) में शैक्षिक गुणांक व्यवस्था को शामिल किया था। इस पर आयोग ने आपत्ति जताते हुए अधियाचन वापस कर दिया था।
इस विसंगति का निस्तारण शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा व आयोग के अधिकारियों की बैठक में कर लिया गया है। अब बेसिक शिक्षा विभाग चयन प्रक्रिया से शैक्षिक गुणांक व्यवस्था हटाकर संशोधित अधियाचन भेजेगा। इसके बाद आयोग परीक्षण कर विज्ञापन जारी करेगा।
बेसिक शिक्षा परिषद ने नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को पांच अगस्त को भेजा था। इसमें उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 के आधार पर चयन प्रक्रिया में शैक्षिक गुणांक (एकेडमिक मेरिट) का प्रविधान किया था। इस पर आयोग ने इसे यह कहकर वापस कर दिया था कि उसकी नियमावली में बेसिक शिक्षकों के चयन का आधार केवल लिखित परीक्षा है और यह परीक्षा 360 अंकों की होगी। इसमें 120 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न तीन अंक का होगा। इसी आधार पर श्रेष्ठता सूची तैयार की जाएगी। ऐसे में चयन प्रक्रिया में विसंगति को लेकर पिछले दिनों शासन स्तर पर हुई बैठक में निर्देश दिए गए थे कि आयोग और बेसिक शिक्षा के अधिकारी आपस में बैठक कर चयन प्रक्रिया स्पष्ट कर लें और जिस स्तर पर त्वरित संशोधन हो, उसे कर जल्द चयन प्रक्रिया शुरू करें।
इस क्रम में हुई बैठक में हुए निर्णय के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग अपनी नियमावली में संशोधन कर आयोग की नियमावली के आधार पर संशोधित अधियाचन भेजेगा। इस तरह शैक्षिक गुणांक अब चयन का आधार नहीं रहेगा
नियमावली में अंतर से अटका बेसिक शिक्षक भर्ती परीक्षा पाठ्यक्रम और विज्ञापन
बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली में शैक्षिक गुणांक तथा शिक्षा सेवा चयन आयोग की नियमावली में केवल लिखित परीक्षा
आयोग की आपत्ति के बाद शासन स्तर पर हुई बैठक के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग स्पष्ट करेगा चयन प्रक्रिया
20 अगस्त 2026
प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के नगरीय क्षेत्र के शिक्षकों के 11,508 रिक्त पदों का विवरण (अधियाचन) मिलने के बावजूद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) का परीक्षा पाठ्यक्रम चयन प्रक्रिया में भिन्नता के कारण अटका है। बेसिक शिक्षा की ओर से जो अधियाचन आयोग को आनलाइन मिला है, उसमें शैक्षिक गुणांक का भी निर्धारण है, जबकि आयोग की नियमावली में चयन का आधार केवल लिखित परीक्षा है। इस विषमता से आयोग ने बेसिक शिक्षा विभाग को अवगत करा दिया है। उस पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद उसी आधार पर आयोग परीक्षा पाठ्यक्रम निर्धारित कर भर्ती विज्ञापन जारी करेगा।
बेसिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 1981 की नियमावली के आधार पर नगर क्षेत्र के विद्यालयों के लिए शिक्षकों के रिक्त पदों का अधियाचन भेजा है। इसमें चयन प्रक्रिया में परीक्षा के साथ शैक्षिक गुणांक के आधार पर चयन मेरिट तैयार करने की व्यवस्था है।
यह भर्ती परीक्षा अभी तक उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) के माध्यम से होती थी, लेकिन अब इसे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को कराना है। इसके अलावा आयोग एडेड महाविद्यालय, एडेड माध्यमिक विद्यालय तथा बेसिक शिक्षा परिषद एवं एडेड जूनियर हाईस्कूल सहित कुछ और शिक्षक भर्तियां भी कराएगा।
आयोग की नियमावली में शिक्षक चयन प्रक्रिया में शैक्षिक गुणांक की व्यवस्था नहीं है, चाहे वह बेसिक की भर्ती हो या उच्च स्तर के अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए हो। इस तरह शैक्षिक गुणांक को लेकर आयोग और परिषद में गतिरोध है, जिस पर पिछले दिनों शासन में हुई बैठक में निर्देश दिए गए कि आपस में बैठकर तय कर लें और जिस स्तर पर संशोधन में सुगमता हो, उसे करते हुए भर्ती का मार्ग प्रशस्त करें। इस मुद्दे पर अभी निर्णय नहीं होने से प्रतियोगी इसे स्पष्ट कर परीक्षा पाठ्यक्रम जारी किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि वह उसी अनुरूप तैयारी कर सकें।
बेसिक शिक्षक भर्ती की शैक्षिक अर्हता पर शिक्षा सेवा चयन आयोग संग बैठक में निकलेगा हल
14 अगस्त 2026
प्रयागराज । प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) के माध्यम से होने वाली शिक्षक भर्तियों की शैक्षिक अर्हता में विसंगति या अन्य किसी भी अड़चन के समाधान के लिए शासन स्तर पर मंगलवार और बुधवार को हुई बैठक में तय हुआ कि चिट्ठी लिखने के बजाय शीघ्र मिल बैठकर निराकरण किया जाए। बेसिक शिक्षकों की भर्ती में शैक्षिक गुणांक को लेकर बेसिक शिक्षा परिषद और यूपीईएसएससी को प्रयागराज में बैठकर जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि सरकार की मंशा शिक्षक भर्ती अर्हता के विवादों का जल्द समाधान कर चयन प्रक्रिया शुरू करना है। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की अर्हता पर दूसरे दिन चर्चा की गई। अर्हता स्पष्ट किए जाने को लेकर कुछ प्रोफेसर बैठक में आनलाइन जुड़े। उन्हें स्पष्ट निर्धारण के लिए एक दो दिन का समय दिया गया है।
बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के संबंध में बताया गया कि शिक्षा सेवा चयन आयोग की नियमावली में शैक्षिक गुणांक की व्यवस्था नहीं है, जबकि बेसिक शिक्षा परिषद ने नियमावली 1981 के आधार पर शैक्षिक गुणांक का उल्लेख किया है। इस पर निर्देश दिए गए हैं कि आयोग और परिषद की प्रयागराज में संयुक्त बैठक कर देखा जाए कि जिस स्तर पर संशोधन करने में आसानी और तेजी होगी, वही किया जाए। इस संबंध में जल्द ही प्रयागाराज में संयुक्त बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि संशोधन किस स्तर पर होना है, उसी पर भर्ती विज्ञापन का मार्ग प्रशस्त कर दिया जाएगा। बैठक में विभागों एवं आयोगों के अधिकारी सम्मिलित हुए।
10 अगस्त 2026
प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद ने नगर क्षेत्र के विद्यालयों के लिए 11,508 शिक्षकों के पद रिक्त होने का विवरण (अधियाचन) उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा (यूपीईएसएससी) को आनलाइन भेजा है, लेकिन चयन प्रक्रिया में अड़चन है। परिषद ने अधियाचन में 1981 की नियमावली के अनुसार शैक्षिक गुणांक का भी उल्लेख किया है, लेकिन शिक्षा सेवा चयन आयोग की नियमावली में शैक्षिक गुणांक की व्यवस्था चयन प्रक्रिया में नहीं है। आयोग की चयन प्रक्रिया में स्पष्ट है कि जिन पदों पर केवल लिखित परीक्षा के आधार पर चयन होना है, उसमें चयन की कार्यवाही 360 अंकों की लिखित परीक्षा के आधार पर की जाएगी, जिसमें 120 प्रश्न होंगे और उसी की श्रेष्ठता सूची से चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्राइमरी शिक्षक शिक्षक भर्ती को लेकर एक विसंगति और है। शिक्षा सेवा चयन आयोग को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से टीजीटी एवं पीजीटी के साथ संबद्ध प्राइमरी पदों की रिक्तियां का भी अधियाचन भेजा गया है।
संबद्ध प्राइमरी में सहायक अध्यापक के 897 पद रिक्त दर्शाए गए हैं, जिसकी चयन प्रक्रिया में शैक्षिक गुणांक को उल्लेख नहीं है। इस तरह प्राइमरी के शिक्षकों की भर्ती में चयन प्रक्रिया में दो मानक हो गए हैं। ऐसे में आयोग यदि बेसिक शिक्षा परिषद के अधियाचन के क्रम में चयन प्रक्रिया अपनाएगा तो उसे अपनी नियमावली में संशोधन करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, संबद्ध प्राइमरी को लेकर माध्यमिक शिक्षाbनिदेशालय को भी संशोधन करना पड़ेगा, क्योंकि प्राइमरी स्तर की शिक्षक भर्ती में एक ही मानक अपनाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार आयोग शैक्षिक गुणांक को लेकर विभाग से स्पष्टता चाहेगा। इस विसंगति पर शासन/विभाग स्तर से निर्णय लिए जाने के बाद ही आयोग चयन प्रक्रिया के लिए कार्यवाही शुरू करेगा।
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