प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद ने नगर क्षेत्र के विद्यालयों के लिए 11,508 शिक्षकों के पद रिक्त होने का विवरण (अधियाचन) उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा (यूपीईएसएससी) को आनलाइन भेजा है, लेकिन चयन प्रक्रिया में अड़चन है। परिषद ने अधियाचन में 1981 की नियमावली के अनुसार शैक्षिक गुणांक का भी उल्लेख किया है, लेकिन शिक्षा सेवा चयन आयोग की नियमावली में शैक्षिक गुणांक की व्यवस्था चयन प्रक्रिया में नहीं है। आयोग की चयन प्रक्रिया में स्पष्ट है कि जिन पदों पर केवल लिखित परीक्षा के आधार पर चयन होना है, उसमें चयन की कार्यवाही 360 अंकों की लिखित परीक्षा के आधार पर की जाएगी, जिसमें 120 प्रश्न होंगे और उसी की श्रेष्ठता सूची से चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्राइमरी शिक्षक शिक्षक भर्ती को लेकर एक विसंगति और है। शिक्षा सेवा चयन आयोग को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से टीजीटी एवं पीजीटी के साथ संबद्ध प्राइमरी पदों की रिक्तियां का भी अधियाचन भेजा गया है।
संबद्ध प्राइमरी में सहायक अध्यापक के 897 पद रिक्त दर्शाए गए हैं, जिसकी चयन प्रक्रिया में शैक्षिक गुणांक को उल्लेख नहीं है। इस तरह प्राइमरी के शिक्षकों की भर्ती में चयन प्रक्रिया में दो मानक हो गए हैं। ऐसे में आयोग यदि बेसिक शिक्षा परिषद के अधियाचन के क्रम में चयन प्रक्रिया अपनाएगा तो उसे अपनी नियमावली में संशोधन करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, संबद्ध प्राइमरी को लेकर माध्यमिक शिक्षाbनिदेशालय को भी संशोधन करना पड़ेगा, क्योंकि प्राइमरी स्तर की शिक्षक भर्ती में एक ही मानक अपनाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार आयोग शैक्षिक गुणांक को लेकर विभाग से स्पष्टता चाहेगा। इस विसंगति पर शासन/विभाग स्तर से निर्णय लिए जाने के बाद ही आयोग चयन प्रक्रिया के लिए कार्यवाही शुरू करेगा।
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