फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट से रहें सावधान, शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अभ्यर्थियों को किया आगाह
अध्यक्ष व सचिव के नाम से फर्जी संदेश प्रसारित, थाने में शिकायत दर्ज
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) ने अभ्यर्थियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उसके अध्यक्ष, सचिव और आयोग के नाम का दुरुपयोग कर कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी संदेश प्रसारित कर रहे हैं, जिनका आयोग से कोई संबंध नहीं है। आयोग की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में कहा है कि कुछ व्यक्ति व संस्थाएं अधिकारियों के लेटरहेड, नाम और पदनाम का अनधिकृत उपयोग कर भ्रामक व असत्य सूचनाएं प्रसारित कर रहे हैं।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए कर्नलगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी है। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों और आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य अनधिकृत माध्यमों से प्रसारित किसी भी सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें।
आयोग से संबंधित सभी विज्ञप्तियां, परीक्षा कार्यक्रम, संशोधन और अन्य आधिकारिक जानकारी केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही उपलब्ध कराई जाती है।

शिक्षक भर्ती का फर्जी कोर्स वायरल, पुलिस में शिकायत, शिक्षा सेवा चयन आयोग ने थाने को भेजी तहरीर, पत्र में आयोग अध्यक्ष का नाम और फर्जी हस्ताक्षर
प्रयागराज। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 11508 सहायक अध्यापकों की भर्ती । से पहले सोशल मीडिया पर फर्जी पाठ्यक्रम वायरल हो गया। शरारती तत्वों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की बजाय उत्तर प्रदेश नयी शिक्षा सेवा चयन आयोग के लेटरहेड पर एकेडमिक मेरिट समाप्त किए जाने संबंधी पत्र जारी कर दिया।
पत्र में बकायदा चयन आयोग के अध्यक्ष पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार का नाम और फर्जी हस्तक्षर भी बनाया गया है। इस मामले की जानकारी होने पर चयन आयोग के उपसचिव और पीआरओ डॉ. संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर जिन यूजर्स के एकाउंट से फर्जी पत्र वायरल हुआ है उनका स्क्रीनशॉट लगाते हुए कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर कर्नलगंज थाने को भेज दी गई है। उनका कहना है कि कुछ व्यक्तिभ्रामक एवं असत्य सूचनाएं प्रसारित कर रहे हैं।
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