TGT - PGT: सामान्य ज्ञान का पाठ्यक्रम जारी, सामान्य ज्ञान से 30 प्रश्न, समसामयिकी, इतिहास और विज्ञान पर फोकस
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती परीक्षा के लिए सामान्य ज्ञान का पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। सामान्य ज्ञान खंड में कुल 30 प्रश्न पूछे जाएंगे। पाठ्यक्रम को तीन प्रमुख इकाइयों में विभाजित किया गया है।
पहली इकाई में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, चर्चित व्यक्तित्व और खेल से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं। दूसरी इकाई में भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था, शिक्षा से जुड़े विधिक एवं संवैधानिक विकास, भारतीय अर्थव्यवस्था तथा भारत का सामान्य भूगोल और जनसंख्या से प्रश्न पूछे जाएंगे।
तीसरी इकाई सामान्य विज्ञान, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) पर आधारित होगी। इसमें विज्ञान एवं पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, कंप्यूटर और इंटरनेट की शब्दावली, आईसीटी के अनुप्रयोग तथा शैक्षिक प्रौद्योगिकी में हुए नवीन विकास को शामिल किया गया है।
TGT-PGT का पाठ्यक्रम जारी, अब होगी नेगेटिव मार्किंग
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) का पाठ्यक्रम सोमवार को वेबसाइट पर जारी कर दिया। दोनों में तीन-तीन अंकों के 90 प्रश्न विषय से संबंधित और 30 प्रश्न सामान्य अध्ययन के होंगे। इस प्रकार कुल 360 अंकों की परीक्षा होगी। प्रवक्ता में 40 अंकों का साक्षात्कार भी होगा।
खास बात यह है कि दोनों ही भर्ती परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग लागू कर दी गई है। इससे पहले दोनों भर्ती में केवल विषय से संबंधित चार-चार अंकों के 125-125 प्रश्न पूछे जाते थे। चयन आयोग ने अभी विषय का पाठ्यक्रम जारी किया है। सामान्य अध्ययन का पाठ्यक्रम मंगलवार को आयोग की बैठक के बाद जारी किया जाएगा। विभिन्न विषयों की भर्ती के लिए समकक्षता को लेकर भी चयन आयोग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है।
संस्कृत के पाठ्यक्रम में मामूली बदलाव
प्रयागराज। टीजीटी-पीजीटी के अधिकांश विषयों के पाठ्यक्रम में कोई खास परिवर्तन तो नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों की मानें तो संस्कृत विषय में कुछ संशोधन किए गए हैं। प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के शीतला प्रसाद ओझा का दावा है कि पीजीटी संस्कृत के पाठ्यक्रम में वैदिक साहित्य, ऋग्वेद, अग्नि सूक्त, विष्णु सूक्त, प्रजापति सूक्त, इंद्र सूक्त, यजुर्वेद संहिता में शिव संकल्प सूक्त, कठोपनिषद प्रथम अध्याय एक से तीन तक वैदिक साहित्य का इतिहास, अभिज्ञान शाकुंतलम जहां संपूर्ण था उसको चतुर्थांश को ही रखा गया है। वहीं उत्तर रामचरितम संपूर्ण था उसमें तृतीय अंक रख दिया गया है। टीजीटी संस्कृत के पाठ्यक्रम में मेघदूतम और नीति शतकम को हटाकर संपूर्ण हितोपदेश, रघुवंश महाकाव्य द्वितीय सर्ग तथा साहित्य दर्पण का प्रथम परिच्छेद जोड़ा गया है।
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