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Friday, July 31, 2026

अर्हता अभी तक तय नहीं हो पाने के कारण नहीं शुरू हो पा रही भर्ती, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की भर्ती का मामला, प्रधानाचार्य के 1475, प्रधानाध्यापक के 1172 पद हैं खाली

अर्हता अभी तक तय नहीं हो पाने के कारण नहीं शुरू हो पा रही भर्ती, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की भर्ती का मामला, प्रधानाचार्य के 1475, प्रधानाध्यापक के 1172 पद हैं खाली

प्रयागराज । सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के 1475 और प्रधानाध्यापकों के 1172 कुल 2647 पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचन तो मिल गया है, लेकिन अब तक अर्हता ही तय नहीं हो सकी है। इससे पहले 2013 में आई भर्ती में साक्षात्कार के आधार पर चयन हुआ था। उसके बाद शिक्षक संगठनों की मांग पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से चयन का निर्णय लिया है।


हालांकि इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का विलय नवगठित चयन आयोग में हो गया। अब शिक्षा निदेशालय से रिक्त पदों की सूचना मिलने के बाद चयन आयोग अर्हता निर्धारित करने के लिए शासन को पत्र लिखा है। 

इसमें प्रधानाचार्य पद के लिए स्नातकोत्तर और बीएड के साथ इंटर कॉलेज में प्रवक्ता या हाईस्कूल में प्रध्ानाध्यापकों के पद पर कम से कम चार साल का अनुभव रखने वाले 30 साल से अधिक आयु के उन अभ्यर्थियों को सम्मिलित करने को बात है जो केंद्र एवं राज्य सरकार के कोष या अनुदान से वेतन पा रहे हों। 

इसी प्रकार प्रधानाध्यापक पद के लिए स्नातकोत्तर एवं बीएड या बीपीएड के साथ हाईस्कूल में सहायक अध्यापक या इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर कम से कम चार साल का अनुभव रखने वाले 30 साल से अधिक आयु के उत्न्न अभ्यर्थियों को शामिल करने की बात है जो केंद्र एवं राज्य सरकार के कोष या अनुदान से वेतन पा रहे हों। 

शासन की ओर से इस संबंध में शिक्षा निदेशालय से रिपोर्ट मांगी गई है। सूत्रों के अनुसार शिक्षा निदेशालय ने प्रधानाध्यापक हाईस्कूल भर्ती में प्रवक्ता को शामिल नहीं करने का सुझाव दिया है। इनकी जगह प्रधानाध्यापक जूनियर हाईस्कूल को सम्मिलित करने का प्रस्ताव भेजा है। इसके अलाबा उन अभ्यर्थियों को भी शामिल करने का सुझाव दिया है जो केंद्र एवं राज्य सरकार के कोप या अनुदान से वेतन नहीं पा रहे हों। हालांकि अभी अर्हता पर अंतिम नुहर नहीं लग सकी है।

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