विशेष टीईटी और एक लाख रिक्त पदों को लेकर सरकार की बैठक आज
21 अगस्त 2026
प्रयागराज। राज्य सरकार जेन-जी के आंदोलनों के बाद शिक्षा विभाग में रिक्त करीब एक लाख पदों पर भर्ती को लेकर चिंतित है। साथ ही, 1.86 लाख बिना टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी कराने की तैयारी है। इस विषय पर 21 अगस्त को लखनऊ में शासन स्तर पर महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दोपहर 12 बजे लखनऊ में बैठक बुलाई है।
इसका मुख्य एजेंडा शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजे गए अधियाचन हैं। इसमें चयन आयोग में लंबित भर्तियों की संख्या पर भी चर्चा होगी। एक माह में यह दूसरी ऐसी बैठक है। इसके पहले सीएम के सचिव सुरेंद्र सिंह ने बैठक की थी। इसमें शिक्षा सेवा चयन आयोग और शिक्षा निदेशालय के अधिकारी शामिल हुए थे। उन्होंने भर्तियों को लेकर तर्क प्रस्तुत किए थे।
रिक्त 99526 पदों पर भर्ती के लिए शैक्षिक अर्हता पर हुआ उच्चस्तरीय मंथन
12 अगस्त 2026
प्रयागराज। मुख्यमंत्री के सचिव सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें उच्च, माध्यमिक और बेसिक शिक्षा परिषद के अधियाचन में शैक्षिक अर्हता पर चर्चा हुई। चयन आयोग ने शासन से अर्हता पर विचार करने का प्रस्ताव दिया है। अब शासन अर्हता से जुड़े अलग-अलग बिंदुओं का परीक्षण करेगा।
प्रदेश में एक लाख से अधिक पद रिक्त हैं। इसके बावजूद 99,526 रिक्त पदों का अधियाचन या तो अपूर्ण है या भेजा नहीं गया है। चुनावी वर्ष होने के कारण मुख्यमंत्री कार्यालय इस गंभीर स्थिति को लेकर चिंतित है। पहले प्रधानाचार्य के लिए एक ही तरह की अर्हताएं थीं।
इस बार हाईस्कूल प्रधानाध्यापक की भर्ती में कुछ बदलाव किए गए हैं। नई व्यवस्था में प्रवक्ता और सहायक अध्यापक आवेदन कर सकते हैं। इनके पास चार वर्ष का अनुभव और बीएड डिग्री होनी चाहिए।
एक लाख पदों पर भर्ती का अधियाचन अधूरा, सीएम के निर्देश पर बैठक आज, बेसिक, माध्यमिक और उच्च के निदेशक सहित आयोगों के अधिकारी तलब
सीएम के सचिव की अध्यक्षता में बैठक, आयोगों के अधिकारी होंगे शामिल
11 अगस्त 2026
प्रयागराज। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंगलवार को उच्च, माध्यमिक और बेसिक शिक्षा परिषद के अधियाचन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। प्रदेश में लगभग एक लाख से अधिक पद रिक्त होने के बावजूद 99,526 रिक्त पदों का अधियाचन या तो अपूर्ण है या भेजा नहीं गया है। चुनावी वर्ष होने के कारण मुख्यमंत्री कार्यालय इस गंभीर स्थिति पर चिंतित है।
सीएम के सचिव सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में बेसिक, माध्यमिक और उच्च के निदेशक सहित आयोगों के अधिकारियों को तलब किया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने 111 प्राचार्य और 2,107 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए अधियाचन भेजा था।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने समकक्षता पूर्ण न होने के कारण असिस्टेंट प्रोफेसर पद का अधियाचन लौटा दिया। एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक के 2,643 पद रिक्त हैं। टीजीटी और पीजीटी के 21,252 पदों के लिए भी अधियाचन अपलोड किया गया है।
इन अधियाचनों में कमियों के कारण चयन बोर्ड आपत्ति जता चुका है। राजकीय इंटर कॉलेजों में 8,905 पदों का अधियाचन अधूरा -था। लोक सेवा आयोग ने हाल ही में इसे वापस कर दिया है। निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि अधियाचन को लेकर बैठक बुलाई गई है। बैठक अधियाचन प्रक्रिया में सुधार लाने पर केंद्रित होगी।
विभिन्न विभागों में अधियाचन की स्थिति
नगर क्षेत्र में 11,508 से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती का अधियाचन अपलोड किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 48,000 पदों का अधियाचन अपलोड नहीं हो सका है। बेसिक शिक्षा निदेशालय में पोर्टल तक अपडेट नहीं है। यहां तीन हजार से अधिक प्रधानाचार्य और सहायक अध्यापक के पद रिक्त बताए जाते हैं। अल्पसंख्यक महाविद्यालयों एवं माध्यमिक स्कूलों में भी दो हजार पद रिक्त हैं, जिनके लिए कोई अधियाचन नहीं भेजा गया है।
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