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Monday, August 31, 2026

इंटर कालेजों में जूनियर हाईस्कूल के नियमों से भर्ती अवैध, विशेष अपीलें खारिज

इंटर कालेजों में जूनियर हाईस्कूल के नियमों से भर्ती अवैध, विशेष अपीलें खारिज

एकलपीठ के आदेश को दी गई थी चुनौती, पद संख्या 1262 से हो गई है 634

प्रयागराजः इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि उच्चीकृत हुए हाईस्कूल अथवा इंटरमीडिएट कालेज बन चुके सहायता प्राप्त संस्थानों जूनियर हाईस्कूल के सेवा नियमों के में तहत सहायक अध्यापकों की भर्ती नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए एकलपीठ का आदेश बरकरार रखते हुए प्रदीप कुमार सिंह, प्रियंका पाल, मुकेश यादव समेत अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दाखिल विशेष अपीलों को खारिज कर दिया है।


तीन नवंबर 2025 को राज्य के सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में 1,262 सहायक अध्यापकों के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया। चयन प्रक्रिया और काउंसिलिंग के बीच राम कुमार भारद्वाज की याचिका पर एकलपीठ ने 19 फरवरी 2026 को आदेश दिया कि जो जूनियर हाईस्कूल उच्चीकृत होकर हाईस्कूल बन चुके हैं, उनके पदों को इस भर्ती प्रक्रिया से पृथक किया जाए।

इसके पालन में शिक्षा विभाग ने मार्च 2026 में अधिसूचनाएं जारी कर उच्चीकृत संस्थानों के पदों को हटा दिया, जिससे पदों की संख्या घटकर 634 रह गई और 19 मार्च 2026 को नई चयन सूची जारी की गई। अपीलार्थियों का पक्ष था कि चयन प्रक्रिया के अंतिम दौर में पदों की संख्या घटाना, खेल के बीच में नियम बदलने जैसा है और यह कानूनन गलत है।

 हाई कोर्ट ने माना कि जब कोई जूनियर हाईस्कूल उच्चीकृत होकर माध्यमिक स्कूल बन जाता है तो उसकी जूनियर हाईस्कूल के रूप में स्वतंत्र कानूनी पहचान समाप्त हो जाती है। अदालत ने कहा कि उच्चीकृत संस्थानों के पदों को बाहर करना चयन के नियम बदलना नहीं, बल्कि विधिक स्थिति के अनुसार पदों की संख्या में किया गया सुधार है।

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