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Monday, August 10, 2026

अग्निवीरों को वन रक्षक भर्ती में 20% आरक्षण, कहलाएंगे वनवीर

अग्निवीरों को वन रक्षक भर्ती में 20% आरक्षण,  कहलाएंगे वनवीर 

लखनऊ। वन रक्षक भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिए जाने का फैसला किया गया है। इन्हें वनवीर नाम दिया जाएगा। यह आरक्षण देने के लिए शासन ने कार्यकारी आदेश जारी कर दिया है, लेकिन फिलहाल विभाग में अधिक पद खाली नहीं हैं। इसका लाभ भविष्य में आने वाली रिक्तियों में मिलेगा।

वन विभाग में वन रक्षकों के 1417 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस प्रक्रिया को पूरी कर रहा है। इनमें से 709 पदों का रिजल्ट घोषित होने वाला है, जबकि 708 अन्य पदों के लिए भी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इसलिए इन पदों पर अग्निवीरों को आरक्षण मिलने की उम्मीद नहीं है। भविष्य में जो भी रिक्तियां आएंगी, उनमें वनवीरों के लिए आरक्षण रहेगा। प्रत्येक कैटेगरी में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, जो सिर्फ सीधी भर्ती में ही लागू होगा। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इसके लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ वन सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन की कार्यवाही शुरू भी कर दी है।



वन रक्षक भर्ती में भी पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण, पुलिस-पीएसी के बाद वन रक्षक भर्ती में भी सरकार ने की व्यवस्था

3913 कुल पद हैं वन रक्षकों के, वर्तमान में 2192 वन रक्षक कार्यरत

700 पदों पर वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया, 1021 पद वर्तमान में रिक्त

लखनऊ: प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसरों का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस और पीएसी के बाद अब वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक की सीधी भर्ती में भी 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय किया है। इसके लिए भर्ती नियमावली में संशोधन किया जा रहा है। यह सुविधा उन अग्निवीरों को मिलेगी, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी की है। पूर्व अग्निवीरों को यह आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर मिलेगा। यह आरक्षण संबंधित श्रेणी के भीतर लागू होगा। यानी सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को उनकी अपनी श्रेणी के 20 प्रतिशत पदों पर इसका लाभ मिलेगा।


बिहार ने भी हाल ही में वन रक्षक भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने के नियम बनाए हैं। अब योगी सरकार ने भी वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को समायोजित करने का निर्णय किया है। यह आरक्षण भविष्य में होने वाली सभी भर्तियों में मिलेगा। 


विभागीय प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने प्रधान मुख्य मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी को इस संबंध में उप्र अवर अधीनस्थ वन (वन रक्षक/वन्यजीव रक्षक) सेवा नियमावली 2015 के नियम-4 और नियम-6 में संशोधन के निर्देश दिए हैं। आरक्षण की कुल सीमा 50 प्रतिशत तक ही होगी। इसका लाभ प्रदेश के ही पूर्व अग्निवीरों को दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे वन और वन्यजीव संरक्षण जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य के लिए प्रशिक्षित और अनुशासित मानव संसाधन मिलेगा, वहीं पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास को भी मजबूती मिलेगी।


स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स में भी रखने पर विचार

टाइगर रिजर्व में तैनात रहने वाली स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स में भी पूर्व अग्निवीरों को रखने पर विचार हो रहा है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने इसका एक प्रस्ताव सरकार को भेजा है। चूंकि अभी प्रोटेक्शन फोर्स का गठन नहीं हुआ है, इसलिए इन्हें रखे जाने की संभावना है। दुधवा टाइगर रिजर्व में यह फोर्स पहले से गठित है। इसमें पुलिस व पीएसी के जवान ही प्रतिनियुक्ति पर रखे गए हैं।

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