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Friday, August 28, 2026

असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रवक्ता पदों का भर्ती विज्ञापन जल्द, प्रवक्ता पदों की अर्हता में कोई परिवर्तन नहीं किए जाने से भर्ती का रास्ता साफ

असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रवक्ता पदों का भर्ती विज्ञापन जल्द, प्रवक्ता पदों की अर्हता में कोई परिवर्तन नहीं किए जाने से भर्ती का रास्ता साफ

29 अगस्त 2026
 प्रयागराज : लंबित भर्ती परीक्षाओं के बीच उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 का आयोजन और परिणाम घोषित करने के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने नई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की तैयारी तेज कर दी है। आयोग को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए प्रवक्ता के 2615 पदों की रिक्तियों का विवरण (अधियाचन) मिल चुका है, जिसकी अर्हता में कोई बदलाव नहीं किया जाना है। 

इसके अलावा उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा आनलाइन भेजे गए असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के अधियाचन में आयोग की आपत्ति के बाद करीब 1930 पदों की संशोधित रिक्तियां भेज दी गई हैं। इस तरह अब दोनों भर्तियों से अड़चन दूर हो गई है।

शिक्षक भर्तियों से संबंधित शैक्षिक अर्हता और अन्य विसंगतियों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप 21 अगस्त को शासन स्तर पर विभागीय और आयोग के अधिकारियों की समन्वय बैठक हुई थी। तय किया गया कि पत्र लिखने के बजाय सामूहिक बैठक कर समाधान खोजें और भर्तियों का मार्ग प्रशस्त करें। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रवक्ता पद की अर्हता के संबंध में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। 

इसके अलावा शिक्षा निदेशालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पदों का नया अधियाचन आयोग को भेजा था। इसमें बीएड विषय भी था। बीएड में अर्हता का विवाद वर्ष 2022 के विज्ञापन संख्या 51 के तहत बीएड के 107 पदों की भर्ती में भी है, जो अभी हाई कोर्ट में विचाराधीन है। इसके अलावा नए अधियाचन में कुछ अन्य विषय में पद सृजन और अर्हता पर आयोग को आपत्ति थी। निदेशालय ने नए अधियाचन में बीएड विषय को हटाकर व अन्य विसंगतियों को दूर कर संशोधित रिक्तियां भेजी हैं।



असिस्टेंट प्रोफेसर भर्तीः अहर्ता और समकक्षता का विवाद दूर करने के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित, अशासकीय महाविद्यालयों में 44 विषयों के 2107 सहायक प्रोफेसर की होनी है भर्ती

11 अगस्त 2026
प्रयागराज । प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में 44 विषयों के 2,107 सहायक प्रोफेसर के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया अटक गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इन पदों पर भर्ती के लिए ई-पोर्टल पर अधियाचन अपलोड किया था, लेकिन विषयों की उपाधियों की समकक्षता स्पष्ट न होने के कारण उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इसे वापस लौटा दिया है।

अधियाचन लौटाए जाने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने शासन को पत्र लिखकर शासन से मार्गदर्शन मांगा था। शासन ने मामले में संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा अनुभाग-5 की ओर से पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति का मुख्य कार्य विभिन्न विषयों के उपाधियों की समकक्षता को स्पष्ट करना है।

इस समिति की अध्यक्षता शासन के विशेष सचिव बद्रीनाथ सिंह करेंगे। निदेशक उच्च शिक्षा मोनिका सिंह ने उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से सहायक निदेशक बीएल शर्मा को समिति का सदस्य नामित किया है। समिति की बैठक 12 अगस्त को लखनऊ स्थित सचिव भवन में आयोजित होगी।



भर्ती से पहले समकक्षता तय करेगी उच्च स्तरीय समिति, एडेड महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती का मामला

शिक्षा निदेशालय ने 2107 पदों का अधियाचन आयोग को भेजा

समकक्ष अर्हता निर्धारित करने को उच्च स्तरीय समिति गठित

प्रयागराज । प्रदेश के 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त 2107 पदों पर चयन से पहले उच्च स्तरीय समिति समकक्ष अर्हता तय करेगी। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचित सभी विषयों/उपाधियों (शैक्षिक अर्हता/विशेष अर्हता) की समकक्षता स्पष्ट करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।


शासन में उच्च शिक्षा अनुभाग के उपसचिव संजय कुमार द्विवेदी की ओर से चार अगस्त को जारी आदेश में विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति से 15 कार्यदिवसों के भीतर स्पष्ट संस्तुति सहित प्रस्ताव (कार्यवृत सहित) प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग को शिक्षक सम्मान, सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई है। 

समिति में उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से नामित अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव की ओर से नामित अधिकारी और लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति के नामित अधिकारी को सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है।

कार्मिक विभाग की ओर से सात अक्तूबर 2021 को यह निर्देश दिए गए हैं कि जहां कहीं भी भर्ती के नियमों में विहित अर्हता के साथ-साथ समकक्ष अर्हता का उल्लेख हो वहां चयन प्रक्रिया प्रारंभ करने से पूर्व ही समकक्ष अर्हता स्पष्ट रूप से निर्धारित करने के उपरांत ही चयन के लिए अधियाचन चयनकर्ता अधिकरणों को भेजा जाए।

चयनकर्ता अधिकरणों जैसे लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ तथा विभिन्न बोर्ड आदि से भी पद विज्ञापित करने से पूर्व समकक्ष अर्हता निर्धारित करते हुए विज्ञापन में उसका स्पष्ट उल्लेख सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है। यही कारण है कि चयन आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती शुरू करने से पहले समकक्षता स्पष्ट करने का अनुरोध किया था।

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