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Saturday, July 18, 2026

अब नौकरी से पहले होगी पड़ताल, डिजिलाकर से जचेंगे प्रमाणपत्र, UPSSSC कर रहा तैयारी, लेखपाल भर्ती से हो सकती है शुरुआत

अब नौकरी से पहले होगी पड़ताल, डिजिलाकर से जचेंगे प्रमाणपत्र, UPSSSC कर रहा तैयारी, लेखपाल भर्ती से हो सकती है शुरुआत

फर्जी दस्तावेजों पर लगेगी रोक, भर्ती प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी और तेज

लखनऊ : भर्ती प्रक्रिया में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) डिजिलाकर आधारित सत्यापन व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों द्वारा अपलोड किए गए शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का मिलान डिजिलाकर में उपलब्ध उनके आधिकारिक शैक्षणिक रिकार्ड से किया जाएगा। मिलान में अंतर या प्रमाणपत्र संदिग्ध मिलने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है या अभ्यर्थी को मूल प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। आयोग इस व्यवस्था की शुरुआत लेखपाल भर्ती से कर सकता है।

वर्तमान में अभ्यर्थी आवेदन के साथ अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करते हैं। आवेदन में दर्ज विवरण के आधार पर अपलोड किए गए शैक्षणिक प्रमाणपत्रों से सत्यापन कराया जाता है। अब इस प्रक्रिया में डिजिलाकर को भी शामिल किया जाएगा, जिससे प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता की एक अतिरिक्त और अधिक विश्वसनीय जांच हो सकेगी।

आयोग की योजना है कि लेखपाल भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन पहली बार डिजिलाकर के माध्यम से किया जाए। लेखपाल भर्ती परीक्षा हो चुकी है और उसकी उत्तर कुंजी भी जारी की जा चुकी है। इसके बाद आयोग की अन्य सभी भर्तियों में भी यही व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी है। 

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि फर्जी, संशोधित या कूटरचित प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने की कोशिशों पर प्रभावी रोक लगेगी। डिजिलाकर में उपलब्ध दस्तावेज संबंधित बोर्ड, विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थानों के डिजिटल रिकार्ड से सीधे जुड़े होते हैं। इसलिए उनकी विश्वसनीयता अधिक मानी जाती है। डिजिटल सत्यापन से भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनने की उम्मीद है। 

आयोग को बार-बार दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन नही कराना पड़ेगा, जिससे चयन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकेगी। अभ्यर्थियों को भी मूल दस्तावेज बार-बार प्रस्तुत करने की आवश्यकता कम होगी। आयोग का मानना है कि डिजिलाकर आधारित सत्यापन व्यवस्था लागू होने से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, विवाद कम होंगे और केवल वास्तविक व पात्र अभ्यर्थियों का ही चयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।



उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अब डिजीलॉकर से दस्तावेज का सत्यापन करेगा

फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, आयोग की समूह ग की भर्तियों में लाखों अभ्यर्थी होते हैं आवेदक

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) प्रदेश में समूह ग की भर्तियों में विभिन्न स्तर पर डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी बना रहा है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है। इसी क्रम में आयोग जल्द ही अभ्यर्थियों के डाक्यूमेंट -वेरीफिकेशन (दस्तावेज सत्यापन) डिजी लॉकर से भी करेगा। इससे अभ्यर्थियों को भी सहूलियत होगी।


आयोग की ओर से विभिन्न विभागों के समूह ग के पदों पर हर साल भर्ती प्रक्रिया व परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इसमें काफी संख्या में युवा आवेदन करते हैं और निर्धारित पद के कई गुणा लिखित परीक्षा व डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए क्वालीफाई होते हैं। ऐसे में डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन में काफी समय लगता है। 

इसे देखते हुए आयोग ने पिछले दिनों भौतिक रूप से आने की जगह अभ्यर्थियों से ऑनलाइन डाक्यूमेंट लेना शुरू किया है। जिनका वह ऑनस्क्रीन वेरीफिकेशन विभाग की साइट पर जाकर करता है। इसी क्रम में अब आयोग डिजीलॉकर से भी अभ्यर्थियों के डाक्यूमेंट का वेरीफिकेशन करेगा। 

आयोग का कहना है कि यूपी और सीबीएसई बोर्ड समेत अधिकतर विश्वविद्यालयों की मार्क्सशीट व डिग्री अब डिजी लॉकर पर उपलब्ध हैं। ऐसे में इसके माध्यम से जांच करके किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकी जा सकेगी। कई बार अभ्यर्थियों के गलत डाक्यूमेंट लगाने के मामले सामने आते हैं। ऐसे में डिजीलॉकर से वेरीफिकेशन करने पर इस पर रोक लगाई जा सकेगी। ऑनलाइन वेरीफिकेशन होने से जहां समय से परिणाम दिया जा सकेगा। दूसरी तरफ अभ्यर्थियों को भी बार-बार आयोग के कार्यालय का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। 


पोर्टल का चल रहा ट्रायल, लेखपाल भर्ती से करेंगे लागूः यूपीएसएसएससी की ओर से इसके लिए नए पोर्टल का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। वो जल्द ही इसे शुरू करेगा। आयोग की ओर से इस समय 7994 पदों पर लेखपाल भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। लिखित परीक्षा हो चुकी है। इसके बाद अब डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन किया जाएगा। ऐसे में आयोग लेखपाल भर्ती से ही डिजीलॉकर से डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन की प्रक्रिया को शुरू करने की तैयारी में है।

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