NEET JEE में 12वीं के अंकों का 50% वेटेज देने के लिए लागू होगा एक राष्ट्र-एक सिलेबस, सभी 66 बोर्ड की समान होगी परीक्षा और मूल्यांकन पद्धति
नई दिल्ली। स्नातक इंजीनियरिंग और मेडिकल में 12वीं कक्षा के अंकों का 50% अंक भार (वेटेज) देने से पहले सरकार देश के सभी 66 शिक्षा बोर्ड को यूनिफॉर्म सिस्टम में लाने की तैयारी कर रही है। फिलहाल इनके पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और मूल्यांकन पद्धति एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। इस कारण 12वीं कक्षा के अंकों के वेटेज को लागू करने से पहले सभी बोर्ड को एक राष्ट्र-एक सिलेबस योजना से जोड़ा जाएगा।
इसमें एनसीईआरटी का परख (राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र) सहयोग करेगा। इसका मकसद छात्रों का एक समान पाठ्यक्रम और परीक्षाओं का मूल्यांकन हो। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेईई, नीट यूजी व सीयूईटी स्कोर के आधार पर इंजीनियरिंग, मेडिकल और विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलता है। । छात्र 12वीं के साथ इन राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में जुट जाते हैं। इससे छात्रों का तनाव बढ़ रहा और वो कोचिंग पर निर्भर हो गए हैं।
इसके अलावा राष्ट्रीय दाखिला परीक्षाओं की शुचिता प्रभावित हो रही है। पेपर लीक की आशंका रहती है, इसलिए वर्ष 2017 में केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (कैब) की बैठक में यूनिफॉर्म सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव आया था, लेकिन अधिकतर राज्यों ने सहमति नहीं दी थी।
नीट-जेईई में निर्णायक हो सकते हैं बारहवीं के अंक, बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत तक वेटेज (महत्व) देने का सुझाव
अंतिम प्रस्ताव सरकार को सौंपा जाना बाकी
नई दिल्ली। नीट-यूजी और जेईई के स्कोर पर आधारित मेडिकल और इंजीनियरिंग दाखिलों की मेरिट में अब 12वीं की बोर्ड परीक्षा में मिले अंक भी शामिल हो सकते हैं।
केंद्र की उच्च स्तरीय समिति ने बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत तक वेटेज (महत्व) देने का सुझाव दिया है। हालांकि, अंतिम प्रस्ताव सरकार को सौंपा जाना बाकी है। सूत्रों के अनुसार, 2025 में गठित शिक्षा मंत्रालय की नौ सदस्यीय समिति परीक्षा प्रणाली को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए सुझाव देगी। इनमें सबसे अहम है कि नीट व जेईई के स्कोर पर आधारित प्रवेश प्रक्रिया में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज दिया जा सकता है।
अभी मेडिकल- इंजीनियरिंग में दाखिले नीट-जेईई के स्कोर के आधार पर होते हैं। पैनल की अंतिम रिपोर्ट आने वाले हफ्तों में सरकार को सौंपे जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, प्रवेश परीक्षाओं के लिए छात्रों को कई मौके देना और ऑन डिमांड कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) भी सिफारिशों में शामिल हो सकते हैं।
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