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Saturday, April 25, 2026

यूपी की ANM अब पूरे देश में कर सकेंगी नौकरी, प्रशिक्षण केंद्रों को आईएनसी में पंजीयन कराने की तैयारी

यूपी की ANM अब पूरे देश में कर सकेंगी नौकरी, प्रशिक्षण केंद्रों को आईएनसी में पंजीयन कराने की तैयारी
 

पंजीयन के लिए हर केंद्र को देना होता है 50 हजार का ड्राफ्ट

प्रशिक्षण केंद्रों के पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने भारतीय उपचर्या परिषद में पंजीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू की


लखनऊ। प्रदेश की सहायक नर्सेज एंड मिडवाइफ (एएनएम) को अब पूरे देश में नौकरी मिल सकेगी। इसके लिए यहां के प्रशिक्षण केंद्रों का भारतीय उपचर्या परिषद (आईएनसी) में पंजीयन कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए शासन से अनुमति मांगी गई है।


चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन नौ राजकीय जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) केंद्रों में 452 सीटों पर तीन वर्षीय प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी तरह 36 एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों में 2160 सीटों पर दो वर्षीय प्रशिक्षण दिया जाता है।

यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली एएनएम को अभी राज्य के बाहर सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी नहीं मिलती है। क्योंकि इनका पंजीयन आईएनसी में नहीं है। ये सिर्फ यूपी नर्स एवं मिडवाइव्स काउंसिल से मान्यता प्राप्त हैं और इनकी परीक्षक संस्था उप्र स्टेट मेडिकल फैकल्टी है। आईएनसी में पंजीयन नहीं होने की वजह से आने वाली समस्याओं का मुद्दा अमर उजाला ने उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग को अपनी गलती का अहसास हुआ।

अब इन सेंटरों को आईएनसी में पंजीकृत कराने की तैयारी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक (प्रशिक्षण) डॉ. रंजना खरे ने शुक्रवार को शासन को पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए पंजीयन के लिए अनुमति मांगी है। यह भी बताया है कि पंजीयन के लिए हर प्रशिक्षण केंद्र को 50 हजार का ड्राफ्ट देना पड़ता है। पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। ऐसे में उन्होंने शासन से पंजीयन कराने के लिए होने वाले व्यय के संबंध में अनुमति मांगी है।

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