एक हफ्ते में ही CUET-UG कराने की तैयारी, परीक्षा की लंबी अवधि को कम करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने नए प्लान पर शुरू किया मंथन
इसमें एक छात्र की परीक्षा एक दिन ही कराने, परीक्षा की अवधि कम करने पर हो रहा विचार
नई दिल्लीः नई विश्वविद्यालयों स्नातक के पाठ्यक्रमों में प्रवेश से जुड़ी परीक्षा सीयूईटी-यूजी को 23 दिनों की जगह अब करीब हफ्ते भर में कराने की योजना है। छात्रों के परीक्षा से जुड़े तनाव को दूर करने में जुटे शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) व नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के साथ मिलकर इस दिशा में पहल तेज की है। जिसमें एक छात्र की परीक्षा एक दिन ही कराने, प्रश्नों की संख्या को घटाने व परीक्षा के समय को कम रखने जैसे कई विकल्प पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल जिस तरह की तैयारी चल रही है, उनमें अगले साल होने वाली सीयूईटी-यूजी में इससे जुड़े कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे।
नीट-यूजी पेपर लीक के बाद परीक्षाओं के सुधार में जुटे शिक्षा मंत्रालय ने सीयूईटी-यूजी पर भी फोकस किया है। वैसे भी यह परीक्षा नीट-यूजी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी परीक्षा है, जिसके लिए वर्ष 2026 में ही करीब 16 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराए थे। 2026 में हुई यह परीक्षा 11 मई से 31 मई तक यानी 21 दिन चली थी। बाद में इसे दो दिन के लिए और बढ़ाया गया है। यानी करीब 23 दिन यह परीक्षा चली थी।
मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो परीक्षा की यह लंबी अवधि छात्रों के हित में नहीं है, क्योंकि इसके लिए उन्हें न सिर्फ लंबा इंतजार करना होता, साथ ही तनाव भी बढ़ाता था। ऐसे में परीक्षा की अवधि को कैसे छोटा किया जाए, जैसे विकल्प पर तेजी से विचार किया जा रहा है। इनमें अब तक जो सुझाव आए है, इनमें एक छात्र की परीक्षा एक दिन ही कराने के साथ छात्रों को परीक्षा के लिए पांच की जगह चार विषयों को चुनने का विकल्प देने पर विचार किया जा रहा है। अभी छात्रों की इसकी परीक्षा के लिए दो-तीन दिन अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर जाना होता है।
50 की जगह 35 प्रश्नों को रखने का सुझाव
इसके साथ ही इन परीक्षाओं में प्रश्नों की संख्या को कम करने, जिसमें अभी प्रत्येक प्रश्न पत्र में 50 प्रश्न पूछे जाते है, उसकी जगह अब 35 प्रश्नों को रखने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक परीक्षा की अवधि को भी एक घंटे की जगह करीब 40 मिनट रखने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही विषयों के साथ ही सभी विश्वविद्यालयों के लिए सामान्य अध्ययन की परीक्षा को अनिवार्य बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
अभी दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए सामान्य अध्ययन की परीक्षा अनिवार्य नहीं थी। गौरतलब है कि मौजूदा समय में सीयूईटी-यूजी के जरिए दिल्ली विश्वविद्यालय सहित देश के करीब दो सौ विश्वविद्यालयों में छात्रों को प्रवेश मिलता है। इनमें सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय शामिल है।
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