2000 राजकीय ITI अनुदेशकों की भर्ती अब शिक्षा सेवा चयन आयोग से
व्यावसायिक शिक्षा विभाग कैबिनेट में लाएगा संशोधित नियमावली
एनसीवीटी से आईटीआई की सीटें भी आसानी से हो सकेंगी मंजूर
लखनऊ। राजकीय आईटीआई में तैनात होने वाले अनुदेशकों व फोरमैन की भर्ती अब उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग से होगी। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की ओर से इसके लिए संशोधित नियमावली जल्द ही कैबिनेट से पास कराई जाएगी। इसके बाद अनुदेशकों के खाली लगभग 2000 पद भी भरे जाएंगे।
राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) की ओर से अब यह नियम सख्ती से लागू कर दिया गया है कि जिस ट्रेड में आईटीआई की सीटें मंजूर होंगी उसके लिए अनुदेशक व फोरमैन तैनात होना अनिवार्य है। वर्तमान शैक्षिक सत्र 2026-27 में इसे लेकर काफी सख्ती की गई है। यही वजह है कि प्रदेश में निजी व सरकारी आईटीआई में अनुदेशकों के पद तेजी से भरे जा रहे हैं।
इस क्रम में व्यावसायिक शिक्षा विभाग नई भर्ती से पहले भर्ती की नियमावली ला रहा है। प्रस्तावित नियमावली में इसमें प्रमुख रूप से यह बदलाव किया जा रहा है कि अभी तक अनुदेशक के पद उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) से भरे जाते थे। अब शिक्षकों की भर्ती के लिए उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन हो चुका है। ऐसे में अब अनुदेशकों की भर्ती भी इसी नए आयोग से की जाएगी।
इसी तरह अनुदेशकों के लिए क्राफ्ट्स इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम (सीआईटीएस) का प्रशिक्षण कोर्स अनिवार्य किया जा रहा है। व्यावसायिक शिक्षा विभाग अब इन नए बदलाव को एडॉप्ट करेगा। इसके साथ ही प्रदेश की आईटीआई में खाली लगभग 2000 पदों को भरने का रास्ता साफ होगा।
जल्द मंजूर कराई जाएगी नई नियमावली
एनसीवीटी व प्रदेश सरकार के नए नियमों के अनुसार अनुदेशकों की भर्ती की नई नियमावली जल्द एप्रूव कराई जाएगी। इसके बाद खाली पदों को भी भरा जा सकेगा। इसका असर आईटीआई की सीटें एप्रूव कराने पर भी पड़ेगा, काफी राहत मिलेगी। - डॉ. हरिओम, प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग
0 comments:
Post a Comment