प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि जब अभ्यर्थी ने ऑनलाइन आवेदन और शुल्क समय से जमा कर दिया हो और विज्ञापन में अनुमन्य माध्यम से आवेदन की हार्ड कॉपी भी समय सीमा के भीतर डाक में भेज दी हो, तो डाक विभाग की देरी के लिए उसे चयन प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी को उसके नियंत्रण से बाहर हुई चूक की सजा देना उचित नहीं है।
न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने यह आदेश अनुराधा की याचिका पर दिया। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया कि याची की ऑनलाइन आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी और संबंधित दस्तावेज 16 अक्तूबर 2026 को शाम पांच बजे तक स्वीकार कर रिकार्ड पर लिए जाएं।
इसके बाद आयोग विज्ञापन की शर्तों और संबंधित नियमों के अनुसार याची की उम्मीदवारी पर विचार करे। केवल इस आधार पर उम्मीदवारी खारिज न की जाए कि हार्ड कॉपी पहले निर्धारित अंतिम तिथि के एक दिन बाद आयोग पहुंची थी। मामला चिकित्सा शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती से जुड़ा है। 18 अगस्त 2026 के विज्ञापन के तहत ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि एक सितंबर थी।
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