Searching...
Thursday, September 24, 2026

शैक्षिक अर्हता में राहत के लिए एनसीटीई को भेजा पत्र, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पीजीटी के लिए बीएड की अनिवार्यता व पीजी में 50 प्रतिशत अंकों से मांगी छूट, सीएम ने पत्र भेजने का दिया था निर्देश

शैक्षिक अर्हता में राहत के लिए एनसीटीई को भेजा पत्र, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पीजीटी के लिए बीएड की अनिवार्यता व पीजी में 50 प्रतिशत अंकों से मांगी छूट, सीएम ने पत्र भेजने का दिया था निर्देश

25 सितम्बर 2026
लखनऊ। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (पीजीटी) के 2615 पदों पर भर्ती के लिए बीएड अनिवार्यता व परास्नातक (पीजी) में 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए जाने से छूट मांगी गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र भेज दिया गया है। इससे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।

विभागीय सूत्रों के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से एनसीटीई को भेजे गए पत्र में इस बार पीजीटी में बीएड को अनिवार्य न करने व पीजी में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता से राहत देने की मांग की गई है। बीते दिनों माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से पीजीटी भर्ती में बीएड शामिल करने और पीजी में 50 प्रतिशत अंक को शामिल करने के लिए नियमावली में बदलाव का शासन को प्रस्ताव भेजा गया था।

इसके बाद से अभ्यर्थी इसका विरोध कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की दिक्कत को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया था कि वे एनसीटीई को पत्र लिखकर एक बार के लिए नियमों को शिथिल करने की छूट के लिए पत्र भेजें। इसी क्रम में विभाग की ओर से पत्र भेजा गया है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि काफी पहले पीजी में 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य किया गया था लेकिन यूपी में इसे अभी तक लागू नहीं किया गया। अब अचानक इसे लागू करने के साथ ही बीएड की अनिवार्यता कर दी गई। ऐसे में युवाओं की निगाहें अब एनसीटीई पर टिक गई हैं। वे प्रवक्ता भर्ती में बीएड अनिवार्यता व पीजी में 50 अंकों की अनिवार्यता से छूट दे देती है तो माध्यमिक शिक्षा विभाग पुराने नियम से ही भर्ती करा लेगा। इससे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल जाएगी। हालांकि वे टीईटी से भी राहत देने की भी मांग कर रहे हैं।




एनसीटीई तय करेगी क्या होगी अर्हता, पुरानी नियमावली से हुई भर्ती तो बिना टीईटी व बीएड के अभ्यर्थी भी दावेदार

24 सितम्बर 2026
प्रयागराज। उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से टीजीटी व पीजीटी की भर्ती के पहले ही विवाद की शुरुआत हो गई। 19 दिनों तक अनशन भी हुआ। तमाम प्रतियोगी छात्रों ने पुरानी नियमावली से टीजीटी-पीजीटी भर्ती कराने की मांग की थी।


मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद पुरानी नियमावली से चयन प्रक्रिया की मांग करने वाले छात्रों में उम्मीदें बढ़ी है। वहीं, बीएड उत्तीर्ण छात्र नई नियमावली से भर्ती चाहते हैं। अगर पुरानी नियमावली से भर्ती होती है तो प्रवक्ता पद के लिए बगैर बीएड किए छात्रों को अर्ह माना जाएगा। वहीं, टीजीटी कला में प्राविधिक कला इंटर करने वाले अभ्यर्थी पात्र होंगे।

पिछले महीने अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक कामता राम पाल की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव में कक्षा छह से 10 की भर्ती में टीईटी की अनिवार्यता का प्रस्ताव भेजा था। नौ और 10 में यह अनिवार्य नहीं है। अभ्यर्थी कक्षा छह से 10 की भर्ती में अनिवार्यता का विरोध कर रहे थे।

अब राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को अर्हता तय करनी है। प्रदेश सरकार शिक्षक अर्हता में संशोधन के लिए एनसीटीई को पत्र भेजेगा। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विक्की खान ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से तमाम छात्रों को उम्मीदें हैं। किसी का नुकसान न हो। सभी को समान अवसर मिलना चाहिए।

0 comments:

Post a Comment