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Friday, March 27, 2026

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड अभ्यर्थी के सरनेम से नहीं करता जाति निर्धारण, मूल जाति प्रमाणपत्र के परीक्षण के बाद जारी होता है रिजल्ट

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड अभ्यर्थी के सरनेम से नहीं करता जाति निर्धारण, मूल जाति प्रमाणपत्र के परीक्षण के बाद जारी होता है रिजल्ट

सोशल मीडिया पर कुछ अभ्यर्थियों की जाति/श्रेणी के संबंध में भ्रामक टिप्पणियों को लेकर चेताया


लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वह अभ्यर्थियों की जाति का निर्धारण उनके सरनेम (उपनाम) के आधार पर नहीं करता। सोशल मीडिया पर कुछ अभ्यर्थियों की जाति/श्रेणी को लेकर की जा रही भ्रामक टिप्पणियों का संज्ञान लेते हुए बोर्ड ने यह - स्पष्टीकरण जारी किया है।


बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि अभ्यर्थियों की जाति का निर्धारण सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए मूल जाति प्रमाणपत्र के आधार पर किया जाता है। इसके लिए दस्तावेजों के सत्यापन के लिए एक समिति गठित की जाती है, जिसमें एसडीएम और डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी शामिल होते हैं। यह समिति अभ्यर्थियों के मूल प्रमाणपत्रों की गहन जांच करती है।

पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अभ्यर्थियों को संबंधित श्रेणी में सफल घोषित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले चयनित अभ्यर्थियों का पुनः सत्यापन संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक द्वारा कराया जाता है।

बोर्ड ने यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के पास किसी अभ्यर्थी की जाति के संबंध में ठोस और प्रमाणिक जानकारी है, तो वह ईमेल sampark@uppbpb.gov.in के माध्यम से सूचना दे सकता है। ऐसी सूचनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


अपुष्ट जानकारी पर होगी कार्रवाई

भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से संबंधित सभी शासनादेशों तथा उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन किया गया है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या अपुष्ट जानकारी फैलाना दंडनीय अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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