प्रतिभा सेतु पोर्टल लॉन्च, जो अफसर नहीं बन सके उनको नई नौकरी की राह दिखाएगा UPSC
पोर्टल पर 10 हजार से ज्यादा का डेटा, इनमें से चुन सकेंगीं कंपनियां
अभी आठ परीक्षाएं प्रतिभा सेतु के दायरे में शामिल हैं
नई दिल्ली । सालों तक यूपीएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बाद भी मेरिट लिस्ट में जगह पाने से चूके प्रतिभाशाली युवाओं को दूसरे क्षेत्रों में नौकरी दिलवाने में यूपीएससी मदद करेगा। इसके लिए यूपीएससी ने 'प्रतिभा सेतु' पोर्टल शुरू किया है।
पोर्टल के जरिये मंत्रालय, सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत्त निकाय और प्राइवेट कंपनियों जैसे सत्यापित नियोक्ता उन उम्मीदवारों से जुड़ सकेंगे, जो परीक्षा के सभी चरणों से गुजरने के बावजूद मेरिट लिस्ट में नहीं आ पाए। 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों का डेटा पोर्टल पर है। पंजीकृत संस्थान उम्मीदवारों की उम्र, शैक्षणिक योग्यता, संपर्क ब्योरा इत्यादि देख सकेंगे। कंपनियां और संगठन इन्हें शॉर्टलिस्ट कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
हालांकि, डेटा में सिर्फ उन्हीं के नाम होंगे, जिन्होंने आवेदन के समय यूपीएससी को अपना डेटा साझा करने की इजाजत दी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हर साल लाखों युवा प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों के लिए यूपीएससी की परीक्षा देते हैं। सिविल सेवा परीक्षा 2024 के लिए करीब 13.4 लाख आवेदन आए थे। 14,627 प्रीलिम्स में क्वालिफाई हुए। मेन्स के बाद 2,845 उम्मीदवार इंटरव्यू तक पहुंचे। इनमें से 1,009 ही विभिन्न सेवाओं के लिए चुने गए। प्रतिभा सेतु बाकी हजारों प्रतिभावान उम्मीदवारों के लिए उम्मीद की किरण लाया है।
प्रतिभा सेतु योजना क्या है?
पहले इसे पब्लिक डिस्क्लोजर स्कीम कहते थे। 20 अगस्त 2018 से शुरू हुई थी। अब नाम और स्वरूप बदला है। पहले सिर्फ वेबसाइट पर सूची डालते थे। अब पंजीकृत कंपनियों को लॉग इन आईडी मिलेगा। पोर्टल डैशबोर्ड में नोटिफिकेशन, शॉर्ट लिस्टिंग, सिलेक्शन व रिजेक्शन की सुविधा होगी। प्रतिभा का पूरा नाम प्रोफेशनल रिसोर्स एंड टैलेंट इंटीग्रेशन- ब्रिज फॉर हायरिंग एस्पिरेंट्स (PRATIBHA) है।
क्या सभी उम्मीदवार इसमें कवर होंगे?
नहीं। सिर्फ 8 परीक्षाएं कवर हैं। उन्हीं प्रतिभावान उम्मीदवारों का डेटा शेयर होगा, जो सभी चरण पूरे करने के बाद थोड़े से अंतर से चूक गए। उम्मीदवार डेटा शेयर करने पर सहमत भी होना चाहिए।
कौन सी परीक्षाएं शामिल होंगी?
सिविल सेवा, वन सेवा, इंजीनियरिंग सेवा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, संयुक्त रक्षा सेवा, संयुक्त चिकित्सा सेवा, भू-वैज्ञानिक और आर्थिक एवं सांख्यिकी सेवा जैसी परीक्षाओं के उम्मीदवारों का डेटा साझा होगा।
कौन सी परीक्षाएं योजना से बाहर हैं?
एनडीए और एनए कवर नहीं है। सीमित विभागीय परीक्षाएं जैसे सीबीआई (डीएसपी) एलडीसीई, सीआईएसएफ एसी (कार्यकारी) एलडीसीई, एस.ओ./स्टेनो (ग्रेड-बी/ग्रेड-I) एलडीसीई परीक्षाएं भी प्रतिभा सेतु में शामिल नहीं हैं। कंपनियां कैसे रजिस्टर करेंगी?
उम्मीदवारों के डेटा तक पहुंच के लिए कोई भी रजिस्टर्ड कंपनी या सार्वजनिक उपक्रम कॉर्पोरेट आइडेंटिफिकेशन नंबर देकर पंजीकृत हो सकता है। यह सीआईएन नंबर कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की एपीआई से सत्यापित किया जाएगा।
अंतिम सूची में जगह पाने में नाकाम अभ्यर्थियों को मिल सकेगी नौकरी, UPSC ने शुरू की प्रतिभा सेतु योजना
10,000 से ज्यादा उम्मीदवारों का डाटा तैयार
नई दिल्ली । संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने प्रतिभा सेतु नामक एक नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत सरकार और निजी कंपनियों को उन प्रतिभाओं की जानकारी मिलेगी जिन्होंने देश की सबसे प्रतिस्पर्धी यूपीएससी की सभी परीक्षाएं पास कीं लेकिन अंतिम मेरिट सूची में जगह बनाने में असफल रहे।
अधिकारियों ने बताया कि यूपीएससी की प्रतिभा सेतु को पहले सार्वजनिक प्रकटीकरण योजना (पीडीएस) के नाम से जाना जाता था। यह उन गैर-अनुशंसित उम्मीदवारों के विवरण तक पहुंच प्रदान करती है, जिन्होंने यूपीएससी की परीक्षाओं के सभी चरणों को पास किया लेकिन अंतिम मेरिट सूची में जगह नहीं बना पाए।
आयोग ने एक आधिकारिक नोट में कहा कि प्रतिभा सेतु नियोक्ताओं को गैर अनुशंसित उम्मीदवारों का चयन करने के लिए एक प्लेटफार्म मुहैया करता है जो अनुशंसित उम्मीदवारों के समान ही मेधावी होते हैं। साथ ही यह यूपीएससी उम्मीदवारों को परीक्षा से परे चमकने के लिए दूसरा प्रवेश द्वार प्रदान करता है। इससे पहले यूपीएससी ने चयनित परीक्षाओं के गैर-अनुशंसित उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक प्रकटीकरण योजना के तहत अपनी वेबसाइट पर जारी की गई
थी। ये वे उम्मीदवार थे जिन्होंने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी लेकिन साक्षात्कार के बाद अनुशंसित नहीं हुए थे। अब आयोग गैर-अनुशंसित उम्मीदवारों के स्वैच्छिक चयन/भर्ती के लिए संगठन को लॉगिन आईडी प्रदान करेगा। इसके अलावा, निजी संगठन भी आयोग के पोर्टल का इस्तेमाल कर अपने स्वयं के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
10,000 से ज्यादा उम्मीदवारों का डाटा तैयार
इस पहल के तहत उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, संपर्क विवरण समेत उनका सॉफ्ट बायोडाटा भी उपलब्ध कराया जाएगा। यूपीएससी के अनुसार, इस संसाधन में 10,000 से अधिक उम्मीदवारों का डाटा बैंक है। ये वे उम्मीदवार हैं जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा के सभी चरणों को पास कर लिया, लेकिन अंतिम मेरिट सूची में स्थान नहीं बना पाए। लाखों छात्र आयोग की विभिन्न सरकारी नौकरी भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन करते हैं।
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