प्रयागराजः इलाहाबाद हाई कोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर (बीएड) भर्ती में कट आफ डेट बदलने की मांग वाली याचिका निस्तारित कर दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि प्रतिस्पर्धा के लिए कट आफ डेट नई विज्ञापन तिथि यानी 28 अप्रैल 2026 होगी। इस तिथि तक जो भी अभ्यर्थी अर्ह हैं, उन्हें भर्ती में शामिल होने का मौका मिलेगा। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने यह आदेश देते हुए कहा है कि आयोग दो सप्ताह में शुद्धिपत्र जारी करे ताकि न केवल याचीगण बल्कि अन्य योग्य अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकें।
उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने विज्ञापन संख्या-51 के अंतर्गत 34 विषयों में बीएड असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2022 में निकाली थी। कुल 75 पद थे। अर्हता योग्यता की कट-ऑफ डेट 31 अगस्त 2022 थी। एनसीईटी की अधिसूचना के अनुरूप अर्हता नहीं होने पर विवाद हुआ और मामला कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई चली। आयोग ने 23 मई 2025 को पद 75 से बढ़ाकर 107 कर दिया, लेकिन अर्हता तिथि कट-आफ डेट 31 अगस्त 2022 ही रखी। इसे रोशन कुमार पांडेय व 29 अन्य ने हाई कोर्ट में चुनौती दी।
याचीगण की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा ने दलील दी कि 2022 में याची अर्ह नहीं थे, बाद में हुए हैं। नई अधिसूचना 28 अप्रैल 2026 को जारी हुई और पद भी बढ़े, इसलिए नई कट-आफ डेट होनी चाहिए। आयोग की तरफ कहा गया कि नया विज्ञापन सिर्फ योग्यता तय करने के लिए था। कोर्ट ने कहा, रिकार्ड से साफ है कि पदों की संख्या 75 से बढ़कर 107 हो गई है और आज तक आयोग नई भर्ती नहीं करा सका है। चार साल पहले जारी विज्ञापन को वापस ले लिया गया था। इसलिए याची और अन्य समान अभ्यर्थी अब इस चयन में भाग लेने के योग्य हो गए हैं। पदों का बढ़ना यह दर्शाता है कि बाद के वर्षों में खाली हुए पद भी जोड़े गए हैं। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पूर्व में आवेदकों को आवेदन शुल्क लौटाने का निर्देश दिया गया था।
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