पशुपालन विभाग में भर्ती किए जाएंगे 2,500 वेटनरी अटेंडेंट, विभाग ने आउटसोर्सिंग सेवा निगम को भेजा प्रस्ताव
मल्टीटास्किंग वर्कर्स की मांग की, संविदा अवधि एक साल, रिन्युअल काम और क्षमता के आधार पर
लखनऊ : स्टाफ की कमी दूर करने के लिए पशुपालन विभाग 'वेटनरी अटेंडेंट' की भर्ती करेगा। आउटसोर्सिंग के जरिए 2,500 कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने आउटसोर्सिंग सेवा निगम को कर्मचारियों की मांग भेजी है। इन पदों के लिए मल्टी टास्किंग वर्कर्स की मांग की गई है।
विभाग ने मंडलवार भर्ती के लिए कर्मचारियों की मांग की है। इनमें से 2,202 को सभी पशु चिकित्सालयों पर तैनाती दी जाएगी। बाकी को पशु चिकित्सा पॉलिक्लीनिक, डिस्पेंसरी, डीएफएस केंद्र और पशिक्षण केंद्रों पर तैनात किया जाएगा।
शैक्षिक अर्हता और आरक्षण
इंटरमीडिएट जंतु विज्ञान या कृषि विज्ञान
पशुधन प्रसार और वेटिनरी फार्मेसी में डिप्लोमा वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।
पशुधन विकास परिषद या पशुपालन विभाग से पैरावेट/ मैत्री का अनुभव रखने वालों को भी वरीयता
भर्तियों में आरक्षण के नियमों का पालन होगा।
कुल 1000 पद अनारक्षित होंगे। 250 ईडब्ल्यूएस, 525 एससी, 50 एसटी और 675 ओबीसी के लिए आरक्षित होंगे।
इतना मिलेगा मानदेय
सभी भत्तों सहित वेटनरी अटेंडेट का कुल मानदेय 25,159 रुपये होगा। भर्तियों से विभाग पर आर्थिक भार 79.63 करोड़ रुपये सालाना आएगा।
क्या होगा काम
अस्पतालों को रोजाना खोलना, बद करना, नियमित साफ-सफाई, पशुओ की ड्रेसिंग और बधियाकरण जैसे कामों में सहयोग करना।
अस्पतालों के दैनिक काम में सहयोग करना, विभाग में संचालित योजनाओं में विभागीय अधिकारियों के निर्देशन में काम करना होगा।
क्यों पड़ी भर्ती की जरूरत?
पशुपालन विभाग में गोसंरक्षण, आरोग्य मेले, पशुधन बीमा, पशुधन ऐप पर टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की फीडिंग सहित कई योजनाएं चल रही है। इन कामों के लिए पशुपालन विभाग में पैरा वेटनरी स्टाफ की कमी है। पशु चिकित्सालयों फार्मासिस्टों और पैरा वेटनरी स्टाफ की कमी है। कई अस्पताल तो बंद होने के कगार पर है।
विभाग डॉक्टरों से लेकर फार्मासिट और पशुधन प्रसार अधिकारियों की स्थायी भर्ती की भी तैयारी कर रहा है, लेकिन उसमे वक्त लग सकता है। यही वजह है कि फिलहाल अस्थायी व्यवस्था के तहत वेटनरी अटेंडेंट की भर्ती की जा रही है। यही वजह है कि विभाग ने अपनी जरूरत बताते हुए आउटसोर्सिंग सेवा निगम से मल्टी टास्किंग वर्कर्स की मांग की है।
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