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Monday, July 14, 2025

शिक्षा सेवा चयन आयोग और निदेशालय मिलकर तय करेंगे अधियाचन का प्रारूप

शिक्षा सेवा चयन आयोग और निदेशालय मिलकर तय करेंगे अधियाचन का प्रारूप


14 जुलाई 2025
प्रयागराज। बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा में शिक्षकों के पदों पर भर्ती शुरू करने की कवायद तेज कर दी गई है। सोमवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में हुई बैठक में तय हुआ कि अधियाचन का प्रारूप आयोग, शिक्षा निदेशालय व एनआईसी के प्रतिनिधि मिलकर तय करेंगे। इसके लिए जल्द ही संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी।

दरअसल, आयोग की ओर से अधियाचन का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। आयोग ने इस पर चर्चा करने व अंतिम निर्णय लेने के लिए संबंधित फाइल उत्तर प्रदेश के कार्मिक विभाग को भेजी थी।

आयोग के सूत्रों के अनुसार, कार्मिक विभाग की ओर से कहा गया कि इसमें विभाग में कोई विशेष भूमिका नहीं है। ऐसे में आयोग, शिक्षा निदेशालय व एनआईसी के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से बैठक कर अधियाचन के प्रारूप को फाइनल कर दें।

प्रारूप फाइनल नहीं होने के कारण ही बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा की ओर से आयोग को रिक्त पदों का अधियाचन नहीं भेजा जा रहा है, और इसी वजह से नई भर्ती फंसी हुई है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में तय जल्द होगी बैठक, एनआईसी के प्रतिनिधियों को भी किया जाएगा शामिल हुआ कि जल्द ही आयोग में बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा निदेशालय व एनआईसी के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें अधियाचन के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जाएगा।


अभ्यर्थियों को परीक्षा पर निर्णय का इंतजार

अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि आयोग टीजीटी परीक्षा पर कोई निर्णय लेगा, लेकिन स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हुई है। टीजीटी के 3539 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 21 व 22 जुलाई को प्रस्तावित है, लेकिन अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र अब तक जारी नहीं हुए हैं और अब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा के आयोजन की कोई उम्मीद भी नहीं रह गई है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि आयोग अधिकृत तौर पर परीक्षा के आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट करे। नौ लाख से अधिक अभ्यर्थियों को इस परीक्षा का इंतजार है और पूर्व में दो बार यह परीक्षा स्थगित की जा चुकी है।




शिक्षक भर्ती के लिए अधियाचन का प्रारूप तैयार, शिक्षा सेवा चयन आयोग को कार्मिक विभाग से मंजूरी का इंतजार

08 जुलाई 2025
प्रयागराज। उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग ने बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा में शिक्षक भर्ती को अधियाचन का प्रारूप तैयार कर लिया है। इससे संबंधित फाइल प्रदेश के कार्मिक विभाग को भेज दी गई है। जल्द ही कार्मिक विभाग और आयोग के प्रतिनिधियों के बीच बैठक कर इस पर मुहर लगा दी जाएगी। साथ ही शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ हो जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा में शिक्षकों की भर्ती को लेकर अलग-अलग नियम हैं। ऐसे में विभागों से रिक्त पदों का अधियाचन प्राप्त करने को अलग-अलग प्रारूप की जरूरत पड़ेगी।

प्रारूप लगभग फाइनल है, लेकिन इस पर अंतिम मुहर अभी नहीं लगाई गई है। जल्द ही कार्मिक विभाग में बैठक की जाएगी। अगर कोई विसंगति सामने आती है तो उसे दूर किया जाएगा।

कार्मिक विभाग से अधियाचन के प्रारूप को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसे एनआईसी को भेज दिया जाएगा जिसके बाद रिक्त पदों का अधियाचन मंगाने के लिए पोर्टल तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा होने में एक माह का वक्त लगा सकता है। इसके बाद बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग से निर्धारित प्रारूप में रिक्त पदों का अधियाचन मंगाकर नई भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा। 



ई अधियाचन में उलझी शिक्षक भर्ती, माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने फिर मांगा प्रारूप

05 जुलाई 2025
प्रयागराज। अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 20,465 व प्रवक्ता के 4384 पद खाली हैं, लेकिन ई-अधियाचन के प्रारूप के इंतजार में भर्ती प्रक्रिया उलझी हुई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग Toy१० के सचिव को पत्र भेजकर Came एक बार फिर ई-अधियाचन का प्रारूप मांगा है।

पत्र के अनुसार 16 मई 2025 को शासन में हुई बैठक के दौरान ई-अधियाचन का प्रारूप शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव के स्तर पर तैयार कराए जाने का निर्णय लिया गया था। यह भी तय हुआ था कि ई-अधियाचन पोर्टल पर माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा लॉगिन करने के लिए आयोग की ओर से आईडी व पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। 

निदेशक ने पत्र के माध्यम से कहा है कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को अब तक ई-अधियाचन का प्रारूप और लॉगिन के लिए आईडी व पासवर्ड नहीं मिला है। इसके बिना निदेशालय के लिए आयोग को रिक्त पदों का अधियाचन भेजा जाना संभव नहीं है। 



माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भेजा आधा अधूरा अधियाचन, प्रवक्ता भर्ती फंसी

20 विषयों में प्रवक्ता पुरुष वर्ग के 16 व महिला वर्ग के एक विषय का अधियाचन भेजा गया, शेष विषयों के लिए आयोग ने शासन से किया संपर्क


प्रयागराज। राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता भर्ती के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को रिक्त पदों का अधियाचन आधा-अधूरा ही भेज दिया, ऐसे में भर्ती फंसी हुई है। सभी विषयों का अधियाचन मिलने के बाद ही आयोग भर्ती का विज्ञापन जारी कर सकेगा।

वहीं, राजकीय विद्यालयों में 15 विषयों में एलटी ग्रेड शिक्षक के पदों पर भर्ती होनी है, लेकिन आयोग को बुधवार शाम तक अधियाचन नहीं मिला है, जबकि विभाग के अफसरों ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया था कि एलटी ग्रेड शिक्षक के पदों पर भर्ती के लिए यूपीपीएससी को ई-अधियाचन भेजा जा चुका है।


प्रवक्ता के शेष विषयों के अधियाचन के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने शासन से संपर्क किया है, ताकि बाकी अधियाचन भी जल्द मिले और आयोग प्रवक्ता भर्ती का विज्ञापन जारी कर सके। आयोग के मीडिया प्रभारी विनोद कुमार गौड़ ने बताया, प्रवक्ता भर्ती के शेष विषयों के अधियाचन के लिए शासन से बातचीत चल रही है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए आयोग को बुधवार तक कोई अधियाचन प्राप्त नहीं हुआ है।

राजकीय इंटर कॉलेजों में 20 विषयों में प्रवक्ता के पदों पर भर्ती होनी है। आयोग को अब तक पुरुष वर्ग में 19 विषयों व महिला वर्ग में एक विषय का अधियाचन मिला है। यानी पुरुष वर्ग में एक विषय और महिला वर्ग में 19 विषयों का अधियाचन मिलना बाकी है। 

आयोग के सूत्रों का कहना है कि सभी विषयों का अधियाचन मिलने के बाद ही भर्ती का विज्ञापन जारी होगा। दूसरी ओर, आयोग ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए पूर्व में प्राप्त अधियाचन माध्यमिक शिक्षा विभाग को वापस भेज दिया था और विषयवार आरक्षण निर्धारण का अधियाचन दोबारा मांगा था। आयोग ने तीन माह पहले अधियाचन वापस भेजा था। जब अभ्यर्थियों ने विभाग में ज्ञापन दिया तो कुछ दिनों के बाद उन्हें बताया गया कि आयोग को अधियाचन भेज दिया गया है, लेकिन आयोग को अब तक अधियाचन नहीं मिला है।


परीक्षण के लिए भेजा गया है एलटी ग्रेड भर्ती का अधियाचन

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) शिक्षा अजय कुमार द्विवेदी ने बताया, विषयवार आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए अधियाचन आयोग को भेजा गया है, लेकिन उसे लॉक नहीं किया गया है। एक बार आयोग से परीक्षण कराया जाएगा और जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि अधियाचन में कोई विसंगति नहीं है, तब उसे लॉक कर दिया जाएगा।

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