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Thursday, January 15, 2026

नई बीईओ भर्ती को लेकर इंतजार थोड़ा और बढ़ना तय, शासन ने संशोधन की बजाय नए सिरे से नियमावली बनाने के निर्देश दिए

नई बीईओ भर्ती को लेकर इंतजार थोड़ा और बढ़ना तय, शासन ने संशोधन की बजाय नए सिरे से नियमावली बनाने के निर्देश दिए 

बेसिक शिक्षा विभाग को कार्मिक विभाग ने दिया निर्देश, वर्तमान में बीईओ के 140 से अधिक पद खाली

प्रयागराज। बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा शिक्षाधिकारियों (बीईओ) की भर्ती नियमावली नए सिरे से बनाई जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था जिस पर शासन ने संशोधन की बजाय नए सिरे से नियमावली बनाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों का बीईओ भर्ती का इंतजार थोड़ा समय और बढ़ना तय है।


पिछले साल बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा संशोधित नियमावली 1992 में बीईओ भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता से समकक्षता शब्द को हटा दिया गया था। पहले नियमावली में किसी विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर उपाधि या समकक्ष मान्यता प्राप्त उपाधिधारक अभ्यर्थी आवेदन के लिए अर्ह थे। संशोधन के बाद किसी विश्वविद्यालय, मानित विश्वविद्यालय या संस्था से स्नातकोत्तर उपाधिधारक अभ्यर्थी को ही आवेदन के योग्य माना गया था।

यही नहीं अधिमानी अर्हता से भी एलटी डिप्लोमा को हटा दिया गया था। पहले शिक्षा विभाग का एलटी डिप्लोमा, बीटीसी, बीएड या किसी विश्वविद्यालय की कोई समकक्ष उपाधि को मान्य किया गया था। हालांकि संशोधित नियमावली में अन्य बातों के समान होने पर सीधी भर्ती के मामले में ऐसे अभ्यर्थी को अधिमान दिया जाएगा, जिसने एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्था से शिक्षा स्नातक (बीएड) की उपाधि प्राप्त की हो। 

पिछले दिनों इसी नियमावली में एक और संशोधन करते हुए भर्ती का स्रोत 100 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती करने का प्रस्ताव भेजा गया था। पूर्व में 80 प्रतिशत पद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान था जबकि 10 प्रतिशत पदों पर प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति और 10 प्रतिशत पदों पर प्रसार अध्यापकों और शिल्प अध्यापकों की पदोन्नति होती थी। हालांकि शासन ने संशोधन की बजाय नए सिरे से नियमावली बनाने के निर्देश दिए है।

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